जब वर्दी बनी बेजुबानों की ढाल
सूचना मिलते ही उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना पूरी योजना को अमल में लाया। खुद मौके पर रहकर टीम का नेतृत्व किया और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखी। अंधेरी रात, जंगल का इलाका और तस्करों की बेखौफ रफ्तार—इन सबके बीच इंस्पेक्टर मिश्रा का संयम और निर्णय क्षमता डगमगाई नहीं
मिर्जापुर

4:29 PM, Dec 20, 2025
हनीफ खान ब्यूरो मिर्जापुर
जनपद न्यूज़ टाइम्सहनीफ खान ब्यूरो चीफ मिर्जापुर
मिर्जापुर। मड़िहान थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बाल मुकुंद मिश्रा उन पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, जिनके लिए वर्दी सिर्फ पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प है। गोवंश तस्करी के खिलाफ की गई यह साहसिक कार्रवाई उनके कर्तव्यबोध, नेतृत्व क्षमता और मानवीय संवेदना का जीवंत उदाहरण है।
सूचना मिलते ही उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना पूरी योजना को अमल में लाया। खुद मौके पर रहकर टीम का नेतृत्व किया और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखी। अंधेरी रात, जंगल का इलाका और तस्करों की बेखौफ रफ्तार—इन सबके बीच इंस्पेक्टर मिश्रा का संयम और निर्णय क्षमता डगमगाई नहीं।
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सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर गोवंशों को क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। यही कारण रहा कि जोखिम भरे पीछा अभियान के बावजूद पुलिस ने सूझबूझ से काम लिया और दस बेजुबानों की जान बचा ली।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इंस्पेक्टर बाल मुकुंद मिश्रा के नेतृत्व में मड़िहान थाना अपराधियों के लिए सख्त और आम जनता के लिए भरोसेमंद बना है। उनकी कार्यशैली यह साबित करती है कि जब पुलिस संवेदनशील और प्रतिबद्ध होती है, तो कानून केवल सख्ती नहीं, बल्कि संरक्षण का माध्यम बन जाता है।
यह कार्रवाई सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि यह संदेश है कि मड़िहान पुलिस के रहते अपराधियों की राह आसान नहीं और बेजुबानों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
