25 साल से बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
करीब 3,500 की आबादी वाले प्रसादपुर गांव, बिंद बस्ती और दलित बस्ती को जोड़ने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि 10 से 12 वर्ष पहले बरसाती कटान में करीब 200 मीटर सड़क बह गई थी, जिसका आज तक स्थायी निर्माण नहीं कराया गया। पिछले वर्ष कराई गई मरम्मत भी एक वर्ष के भीतर ही उखड़ गई।
चहनिया, चंदौली

7:00 PM, Jul 31, 2026
सुधींद्र पाण्डेय
जनपद न्यूज़ टाइम्सगड्ढों में तब्दील बैरांठ–प्रसादपुर सड़क पर जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर ग्रामीण
सैयदराजा और सकलडीहा विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली बैरांठ–प्रसादपुर सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान
चहनियाँ। क्षेत्र के रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम मठ को सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के धानापुर ब्लॉक के दर्जनों गांवों से जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की बैरांठ–प्रसादपुर सड़क पिछले करीब 25 वर्षों से बदहाल पड़ी है। यह सड़क सैयदराजा और सकलडीहा विधानसभा क्षेत्रों के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग होने के बावजूद लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। सड़क निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र निर्माण कराने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
करीब 3,500 की आबादी वाले प्रसादपुर गांव, बिंद बस्ती और दलित बस्ती को जोड़ने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि 10 से 12 वर्ष पहले बरसाती कटान में करीब 200 मीटर सड़क बह गई थी, जिसका आज तक स्थायी निर्माण नहीं कराया गया। पिछले वर्ष कराई गई मरम्मत भी एक वर्ष के भीतर ही उखड़ गई।
Advertisement
बरसात के दिनों में सड़क पर जलभराव होने से यह तालाब जैसी स्थिति में बदल जाती है, जिससे गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क लगभग कट जाता है। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय विधायक से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बैठक में ग्रामीणों ने सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग दोहराई तथा चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विधानसभा चुनाव से पहले सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो मतदान के बहिष्कार पर भी विचार किया जाएगा।
बैठक में चंद्रमा गिरी, आभा यादव, रामराज राय, रोहिणी पाण्डेय, रमेश चंद्र पाण्डेय, डॉ. राजनाथ विश्वकर्मा, गोविन्द विश्वकर्मा, अभय कुमार पीके, छेदी विश्वकर्मा, श्रीप्रकाश पाण्डेय, अनिल विश्वकर्मा, संतोष पाण्डेय, रामसखी विश्वकर्मा, यज्ञदेव पाण्डेय, पारस राम, बैकुंठनाथ पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, अर्पित कुमार पाण्डेय, विनोद पाण्डेय, रामजनम पाण्डेय, सुभाष पाण्डेय, मदन मोहन पाण्डेय, बाबूलाल बिन्द, बेचू बिन्द, फूलचंद बिन्द, बबलू बिन्द, रुदल बिन्द, हरवंश बिन्द, हीरा बिन्द, मनई बिन्द, मनोज गोंड सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
