जल जीवन मिशन की अनोखी पहल या बड़ी लापरवाही?
इस व्यवस्था को देखकर ग्रामीणों में हैरानी के साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर का ही पानी पीने के लिए देना था, तो करोड़ों रुपये की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना, पाइपलाइन बिछाने और कागजी प्रक्रियाओं की आखिर क्या आवश्यकता थी। नहर का पानी न तो शुद्ध है और न ही पेयजल मानकों पर खरा उतरता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
चंदौली

6:47 PM, Jan 14, 2026
दिवाकर पाण्डेय "राहुल"
जनपद न्यूज़ टाइम्सबरहनी ब्लॉक में पानी टंकी छोड़ नहर से घर-घर जलापूर्ति का प्रयोग
कमालपुर (चंदौली)। जनपद चंदौली के बरहनी विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा खझरा के बैरी कलां (धीना) गांव में जल जीवन मिशन के तहत एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। योजना के अंतर्गत जहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी टंकी और शुद्धिकरण व्यवस्था स्थापित की जानी थी, वहीं टंकी निर्माण को दरकिनार कर गांव की नहर से सीधे घर-घर पानी पहुंचाने का प्रयोग किया जा रहा है।
इस व्यवस्था को देखकर ग्रामीणों में हैरानी के साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर का ही पानी पीने के लिए देना था, तो करोड़ों रुपये की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना, पाइपलाइन बिछाने और कागजी प्रक्रियाओं की आखिर क्या आवश्यकता थी। नहर का पानी न तो शुद्ध है और न ही पेयजल मानकों पर खरा उतरता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि यह न केवल योजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यशैली को भी उजागर करता है। यह स्थिति हास्यास्पद होने के साथ-साथ गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करते हुए मानकों के अनुरूप पानी टंकी और शुद्धिकरण व्यवस्था स्थापित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना शुद्धिकरण नहर का पानी सप्लाई किया गया और भविष्य में किसी प्रकार की बीमारी या दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
