लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना आवश्यक : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए मजबूत न्यायपालिका आवश्यक है। आम आदमी को सरल और सहज न्याय उपलब्ध कराने के लिए बेहतर न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य है।
चंदौली

5:50 PM, Jan 17, 2026
यूपी के न्यायिक कार्य देश के लिए बनेंगे उदाहरण : सीजेआई
चंदौली सहित छह जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर निर्माण का शुभारंभ
चंदौली । माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना देश के लिए एक मॉडल बनेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से अन्य राज्य सरकारों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आधुनिक न्यायालय परिसरों का निर्माण करेंगी।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संविधान में जिला न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित कोर्ट कॉम्प्लेक्स आमजन के लिए न्याय के मंदिर सिद्ध होंगे तथा इनमें नागरिकों की सुविधा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं होंगी।
उन्होंने कहा कि ये न्यायालय परिसर आने वाले 50 वर्षों तक न्यायिक कार्यों के लिए पूरी तरह सक्षम रहेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग बार भवन तथा सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की जाए।
कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना आवश्यक : मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए मजबूत न्यायपालिका आवश्यक है। आम आदमी को सरल और सहज न्याय उपलब्ध कराने के लिए बेहतर न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में सरकार द्वारा किसी प्रकार की देरी नहीं की जाती। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। सभी डिज़ाइन स्वीकृत हो चुकी हैं और औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनपद चंदौली को लगभग 286 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य विश्वविख्यात संस्था एलएंडटी (L&T) द्वारा किया जाएगा, जिससे कार्य तेज गति से पूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि एकीकृत कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आधुनिक न्यायालयों के साथ-साथ अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, खेलकूद सुविधाएं, पार्किंग एवं कैंटीन की भी व्यवस्था होगी।
छह जनपदों में निर्माण का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—इन छह जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण का आज शुभारंभ हुआ है। शेष चार जनपदों की औपचारिकताएं भी आगामी महीनों में पूर्ण कर ली जाएंगी। उन्होंने इसे भारत के न्यायिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित होने वाला कार्य बताया।
कार्यक्रम में रहे ये विशिष्ट अतिथि
इस अवसर पर माननीय न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति श्री पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति श्री मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति श्री राजेश बिंदल, माननीय मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद न्यायमूर्ति श्री अरुण भंसाली सहित अनेक वरिष्ठ न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।
