मकर संक्रांति पर पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार को बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी मां गंगा तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। भोर से ही स्नान-दान का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद तट स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना की और गरीबों को अन्न, वस्त्र व द्रव्य दान कर पुण्य अर्जित किया।
चंदौली

12:44 PM, Jan 15, 2026
सुधींद्र पांडेय
जनपद न्यूज़ टाइम्स
चहनियां। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गुरुवार को बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी मां गंगा तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। भोर से ही स्नान-दान का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद तट स्थित मंदिरों में पूजा-अर्चना की और गरीबों को अन्न, वस्त्र व द्रव्य दान कर पुण्य अर्जित किया।
इस वर्ष 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रांति पड़ने को लेकर लोगों में कुछ भ्रम की स्थिति रही, बावजूद इसके गुरुवार को परंपरा के अनुसार हजारों श्रद्धालु पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर पहुंचे और श्रद्धा भाव से स्नान किया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बलुआ बाजार से लेकर गंगा घाट तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए बलुआ एसओ अतुल कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनन्त भार्गव सहित पुलिसकर्मी नाव से लगातार काम्बिंग करते नजर आए।
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गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल के नेतृत्व में समिति के वालेंटियर भी तैनात रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था में प्राइवेट गोताखोर मार्कण्डेय माझी, विजय माझी, रवि, आशीष, मक्खन सहित अन्य गोताखोर सक्रिय रहे।
मकर संक्रांति पर स्नान-दान का विशेष महत्व होता है। इसी परंपरा को निभाते हुए क्षेत्र के महड़ौरा, कांवर, बिसुपुर, सराय, महुअर, सोनबरसा, टांडा कला, तिरगावा हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर सहित दूर-दराज से श्रद्धालु पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर पहुंचे।
वहीं स्थानीय कस्बों चहनियां, बलुआ, रामगढ़, मोहरगंज, पपौरा, मारूफपुर, टांडा कला, रमौली, मजिदहा सहित बाजारों व चौराहों पर तिलकुट, लाई, चूड़ा, गुड़ और मटर की खरीदारी को लेकर दिनभर भीड़ लगी रही।
