प्यासी धरती को पानी की दरकार,बारिश न होने से किसान परेशान
किसानों को खेती बारी की चिंता सताये जा रही। भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। मानसून की आहट आसपास के कई जिलों में भी नहीं सुनाई पड़ रही है। वर्षा न होने से किसानों की बेचैनी बढ़ रही है। जायद की फसलें तो सूख ही रही हैं। खरीफ की भी तैयारी नहीं हो पा रही है। नलकूप का पानी खेतों में एक-दो दिन में ही सूख जाता है। किसानों खेतों में धान की बीज डालकर उसे जिन्दा रखने के जद्दोजहद में हैं।
चंदौली

9:59 PM, Jun 28, 2026
जून माह का अंतिम सप्ताह भी बीत रहा
चंदौली। जून माह का अंतिम सप्ताह भी बीत रहा है। बारिश ने होने से धान के कटोरे के रूप में विख्यात चंदौली में सूखे के आसार मंडरा रहे हैं। किसानों को खेती बारी की चिंता सताये जा रही। भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। मानसून की आहट आसपास के कई जिलों में भी नहीं सुनाई पड़ रही है। वर्षा न होने से किसानों की बेचैनी बढ़ रही है। जायद की फसलें तो सूख ही रही हैं। खरीफ की भी तैयारी नहीं हो पा रही है। नलकूप का पानी खेतों में एक-दो दिन में ही सूख जाता है। किसानों खेतों में धान की बीज डालकर उसे जिन्दा रखने के जद्दोजहद में हैं।
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धीरे धीरे मौसम का मिज़ाज तो बदल रहा है ।आसमान में धुंधलका दिखाई पड़ रहा है लेकिन बारिश के आसार नहीं दिख रहे।एक-दो दिन से आसमान में बादल तो घुमड़ रहे हैं। लेकिन वर्षा की उम्मीद नहीं दिखाई पड़ती है। किसानों की मुश्किलें तो बढ़ ही रही हैं। साथ ही उमस भरी गर्मी से लोगों की बेचैनी और बढ़ रही है। पंखा, कूलर की हवा राहत नहीं दे पा रही है। किसानों द्वारा बोई गई मक्कान,मूंग,उर्द की फसल भी बिना वर्षा के बेकार हो रही हैं। उनकी उपज भी काफी प्रभाव पड़ा है। धान की नर्सरी भी तैयार नहीं हो पा रही है। निजी नलकूपों की सिंचाई तपती जमीन में एक-दो दिन कामयाब हो पाती है। उसके बाद फसलें सूखने लग जाती हैं। वर्षा लेट होने से खरीफ फसल की रोपाई भी लेट हो रही है। कहीं-कहीं हल्की व कहीं मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई। यह गतिविधियां अगले चार से पांच दिन तक जारी रह सकती हैं। दिन में आग जैसे बरस रहा है ।लोग धूप से बचने के जतन में हैं।धरती प्यासी है उसे बारिश की आवश्यकता है।जून का माह समाप्ति की ओर है।
