नौकरी और मकान का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाते थे, अश्लील वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल; चार गिरफ्तार
मुगलसराय। नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को सुनसान मकान में ले जाने, बंधक बनाने और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का मुगलसराय पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, बैंक पासबुक व चेकबुक, पोर्
चंदौली

4:56 PM, Aug 28, 2026
मुगलसराय। नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को सुनसान मकान में ले जाने, बंधक बनाने और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का मुगलसराय पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, बैंक पासबुक व चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस, एक टॉर्चर किट, स्कूटी और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के खिलाफ मुगलसराय थाने में दो महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में आरोप है कि महिलाओं को नौकरी अथवा मकान दिलाने के नाम पर डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई और अश्लील वीडियो बनाए गए। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर परिजनों से फिरौती मांगी गई और फोन-पे के माध्यम से रकम भी ट्रांसफर कराई गई।
14 मई की घटना में खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर डराया
पुलिस के मुताबिक, 27 अगस्त को आशा देवी ने शिकायत दी कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें रामनगर से डहिया स्थित मकान में ले जाया गया था। वहां आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर मारपीट और गलत हरकत की। एक युवक के साथ वीडियो बनाकर उसे परिजनों के बीच वायरल करने की धमकी दी गई। आरोप है कि परिजनों से करीब 30 हजार रुपये मंगवाने के अलावा उनके मोबाइल से फोन-पे के जरिए करीब 75 हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए गए। करीब दो दिन बाद उन्हें छोड़ा गया।
पुलिस का कहना है कि इस घटना में गिरफ्तार महिला आरोपी अंजली गुप्ता खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िता को डराती-धमकाती थी।
मकान दिखाने के बहाने ले जाकर मांगी पांच लाख की फिरौती
दूसरे मामले में आयशा ने पुलिस को बताया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के लिए उन्हें रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान ले जाया गया। वहां तीन पुरुष और एक महिला ने उन्हें कमरे में बंधक बना लिया। आरोप है कि उनके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया गया और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। विरोध करने पर मारपीट और गाली-गलौज की गई। उनके मोबाइल से पति को फोन कर फिरौती मांगी गई और फोन-पे के जरिए बैंक खाते से 1.14 लाख रुपये भी ट्रांसफर करा लिए गए। महिला किसी तरह रात में छतों के रास्ते वहां से निकलकर बची।
पुराने विवाद के बाद बनाया गिरोह
पुलिस के अनुसार, जांच में गिरोह के सरगना विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी का नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि विजय पहले लोकांटो वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा चलाता था। वर्ष 2023 में एक महिला से कथित ठगी के बाद उसने कॉल गर्ल्स और एस्कॉर्ट महिलाओं से बदला लेने के उद्देश्य से साथियों के साथ मिलकर गिरोह बनाया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को पहले से तय स्थान पर बुलाते थे। इसके बाद खुद को पुलिस टीम बताकर डराते-धमकाते और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते थे। बाद में वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता या उसके परिजनों से ऑनलाइन और नकद रकम वसूलते थे।
डहिया के मकान पर दबिश देकर पकड़े गए चारों
थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सूरज और साइबर थाना के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला की टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश दी। मौके से तीन पुरुष और एक महिला को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िताओं ने मौके पर आरोपियों की पहचान भी की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय कुमार गुप्ता उर्फ संजय गुप्ता उर्फ रॉकी, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में अन्य धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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ये सामान हुआ बरामद
आठ एंड्रॉइड मोबाइल फोन
72,300 रुपये नकद
नौ एटीएम कार्ड
पांच फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड
पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी व अन्य पहचान पत्र
विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक
पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस
टॉर्चर किट
एक स्कूटी और एक पल्सर मोटरसाइकिल
पुलिस के अनुसार, बरामद दोनों वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
