राम व कृष्ण में कोई अंतर नहीं- कथावाचक संत दास जी महाराज
कमालपुर।श्री राम जानकी मंदिर सेवा समिति के तत्वाधान में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ श्री राम जानकी मंदिर परिसर में रविवार को छठवें दिन जारी रहा।मुख्य अतिथि धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह व प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह ने संयुक्त रूप से आरती कर श्रीमद्भागवत कथा का शुरुआत कराया।कथा का रसपान अयोध्या से आए कथावाचक श्री संत दास जी महाराज ने अतिथियों व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को अंगवस्त्
कमालपुर, चंदौली

7:12 PM, Sep 6, 2026
नीरज अग्रहरि
जनपद न्यूज़ टाइम्स
कमालपुर। श्री राम जानकी मंदिर सेवा समिति के तत्वाधान में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ श्री राम जानकी मंदिर परिसर में रविवार को छठवें दिन जारी रहा।मुख्य अतिथि धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह व प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह ने संयुक्त रूप से आरती कर श्रीमद्भागवत कथा का शुरुआत कराया।कथा का रसपान अयोध्या से आए कथावाचक श्री संत दास जी महाराज ने अतिथियों व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित करते हुए भगवान श्री कृष्ण के बाल लीलाओं के चरित्र के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा किया।कथा सुनकर श्री राम जानकी मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने बाल लीलाओं के माध्यम से भक्ति मार्ग को दिखलाने का काम किया।राम व कृष्ण में कोई अंतर नहीं है।किसी एक की भक्ति करने पर दूसरे का भी फल मिलता है। शास्त्रों में कहा गया है कि मानव जीवन बड़े भाग्य से मिलता है।इस जीवन में धर्म की स्थापना के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।तभी यह जीवन मूर्त रूप से सार्थक साबित होगा।भगवान श्री कृष्ण ने बाल्य अवस्था में पूतना,कालिया नाग सहित राक्षसों का मर्दन कर समाज में मानवता का संदेश देने का काम किया। बचपन में माखन चोरी कर गोपीकाओं को रिझाने का काम करते थे।गोपिकाएं भी सहर्ष कृष्ण को माखन चुराने देती थी।जबकि माता यशोदा से कृष्ण का शिकायत कर डांट दिलवाती थी।इससे गोपीकाओं को आनंद भी आता था। ब्रज में राधा के साथ प्रेम लीला कर सभी गोपीकाओं को रिझाने का काम करते थे।युवा अवस्था में उन्होंने मामा कंस का वध कर अपनी माता देवकी व पिता वासुदेव को जेल कारागार से मुक्त कराते है।
Advertisement
कथा का रसपान करने वालों धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह,प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी, दयाराम यादव,सुनील उपाध्याय, संजय रस्तोगी, आनंद रस्तोगी , दिलीप त्रिशूलिया, बिनोद अग्रहरि, कामता जायसवाल, शिवदयाल गुप्ता ,हरिवंश उपाध्याय, अमरनाथ जायसवाल, त्रिलोकीनाथ जायसवाल, बाल गोविंद रस्तोगी, अखंडानंद तिवारी, अनिल जायसवाल,संतोष कुमार, ओंकार रस्तोगी, जयप्रकाश उपाध्याय,संतोष कुमार, अवधेश रस्तोगी, भोलेनाथ जायसवाल, मुन्नी लाल जायसवाल,रमेश रस्तोगी, सीताराम वर्मा, कल्लू उपाध्याय,शिवजी वर्मा, प्रदीप रस्तोगी, गोपी नाथ जायसवाल,अनिल गुप्ता आदि रहे।
