मानस के एक एक पात्र का जीवन आदर्श है_अखिलानन्द
चंदौली । मुगलसराय के लाट नं. एक स्थित श्री पंचमुखी विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में चल रहे सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत् व श्रीमानस मर्मज्ञ अखिलानन्दजी महाराज ने भगवान के सुंदर चरित्र का मार्मिक ढंग से वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महराज ने कहा कि पुष्टि पुरुषोत्तम के प्राकट्य से पहले तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन चरि
चंदौली

9:04 AM, Nov 8, 2025
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चंदौली । मुगलसराय के लाट नं. एक स्थित श्री पंचमुखी विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में चल रहे सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत् व श्रीमानस मर्मज्ञ अखिलानन्दजी महाराज ने भगवान के सुंदर चरित्र का मार्मिक ढंग से वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महराज ने कहा कि पुष्टि पुरुषोत्तम के प्राकट्य से पहले तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन चरित्रों का श्रवण करना पड़ता है। श्रीमद् भागवत महापुराण मे भगवान श्री कृष्ण पूर्ण ब्रहम है। पूर्ण ब्रहम की प्राप्ति बिना राम चरित मानस के नहीं हो सकती है। मानस के एक एक पात्र का जीवन आदर्श जीवन है। हमारे मनीषियों ने कहा है कि राम जैसा कोई पुत्र नहीं हो सकता के दशरथ जैसा पिता, कौशल्या जैसी माता भरत जैसा भाई, सीता जैसी कोई पत्नी अथवा वशिष्ठ जैसा गुरू व रावण जैसा शत्रु नहीं हो सकता। इसलिए मानस के एक एक पात्र आदर्श है। सनातन धर्म मे तीन ग्रंथों का विशेष महत्व है। पहला रामायण, दूसरा श्रीमदभगवत गीता और तीसरा श्रीमद् भागवत् महापुराण ।
