शहाबगंज में चोरों का आतंक: 80 साल पुराने काली माता मंदिर से सात पीतल के घंटे चोरी
थाना क्षेत्र के तकिया महड़ौर गांव स्थित 80 वर्ष पुराने प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर मंदिर का ताला तोड़कर सात पीतल के घंटे समेत अन्य पूजा का सामान चुरा ले गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाते हुए जल्द खुलासे की मांग की है।
शहाबगंज, चंदौली

7:40 PM, May 24, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सपुलिस की गश्त पर उठे सवाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
शहाबगंज (चंदौली)। थाना क्षेत्र के तकिया महड़ौर गांव स्थित 80 वर्ष पुराने प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार रात अज्ञात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर मंदिर का ताला तोड़कर सात पीतल के घंटे समेत अन्य पूजा का सामान चुरा ले गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाते हुए जल्द खुलासे की मांग की है।
मंदिर के पुजारी चंद्रिका लाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शनिवार रात अज्ञात चोरों ने मंदिर का ताला तोड़ दिया। रविवार सुबह जब वे पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो फाटक खुला और ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए। मंदिर से सात पीतल के घंटे और पूजा का अन्य सामान गायब था। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।
कस्बे से सटा गांव, फिर भी सुरक्षा भगवान भरोसे
ग्रामीणों का आरोप है कि तकिया महड़ौर कस्बे से सटा होने के बावजूद रात में पुलिस गश्त न के बराबर होती है। इसी का फायदा उठाकर चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कई बार संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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“आस्था पर हमला है ये चोरी”
ग्रामीण महेंद्र, काशीनाथ, रामकिशोर शाहनी, रामाश्रय, पुनवासी व विक्रम ने कहा कि मंदिर में चोरी केवल सामान की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था पर हमला है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को बाध्य होंगे। लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जल्द खुलासे का दावा किया है। हालांकि ग्रामीण पुलिस के दावों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की वारदातों और पुलिस की कथित निष्क्रियता से लोगों में भय के साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।
