धरांव गांव में विकास कार्यों में धांधली की जांच के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर टीम गठित
जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में हैंडपंप, शौचालय, स्ट्रीट लाइट एवं आरसीसी बेंच निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। शिकायत में पूर्व एवं वर्तमान ग्राम प्रधान से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
चंदौली

12:28 PM, Jan 18, 2026
चंदौली। धानापुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा धरांव में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी चंदौली के निर्देश पर जांच टीम गठित कर दी गई है।
बताया जाता है कि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में हैंडपंप, शौचालय, स्ट्रीट लाइट एवं आरसीसी बेंच निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। शिकायत में पूर्व एवं वर्तमान ग्राम प्रधान से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम सभा धरांव में वर्ष 2015 से 2020 तक प्रधानपति रामजियावन यादव तथा वर्ष 2021 से वर्तमान तक प्रधान साहब यादव पद पर हैं, जो आपस में चाचा-भतीजे बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इस अवधि में कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि हैंडपंप रिबोर और मरम्मत के नाम पर लगभग 12 लाख 19 हजार रुपये की धनराशि आहरित की गई, जिसमें कुछ कार्य अपने करीबी लोगों के घरों में कराकर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाया गया।
इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (फेज-1) के तहत लाभार्थी सूची में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार कुछ लाभार्थियों को दो-दो बार शौचालय निर्माण की धनराशि दी गई, जबकि कई पात्र लोगों को आज तक इसका लाभ नहीं मिल सका है।
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शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्ट्रीट लाइट के कार्य में कागजों में संख्या अधिक दर्शाकर भुगतान लिया गया, जबकि मौके पर उतनी लाइटें लगी ही नहीं हैं। आरोप है कि रसीद संख्या 162 के माध्यम से दो बार भुगतान किया गया। वहीं आरसीसी बेंच लगाने के कार्य में भी अधिक संख्या और मनमाना मूल्य दिखाकर धनराशि आहरित किए जाने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी कई बार जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में 15 सितंबर 2023 और 6 मार्च 2025 को नोटरी बयान हलफिया शिकायती पत्र जिलाधिकारी को दिए गए थे। साथ ही 30 अप्रैल 2025 को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से अनुस्मारक भी भेजा गया था।
