पानी के दबाव से निर्माणाधीन साइड वाल धंसी, गुणवत्ता पर उठा सवाल
क्षेत्र के विभिन्न नहरों, रजवाहों में सिंचाई विभाग द्वारा झाल , पुलिया के साथ साइडवाल के चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। डेहरी पुल के पास निर्माणाधीन साइडवाल पानी के दबाव के चलते अचानक धंस गई। इस घटना से न सिर्फ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा है, बल्कि किसानों में भी रोष व्याप्त है।
इलिया, चंदौली

5:50 PM, Jan 5, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सइलिया। क्षेत्र के विभिन्न नहरों, रजवाहों में सिंचाई विभाग द्वारा झाल , पुलिया के साथ साइडवाल के चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। डेहरी पुल के पास निर्माणाधीन साइडवाल पानी के दबाव के चलते अचानक धंस गई। इस घटना से न सिर्फ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा है, बल्कि किसानों में भी रोष व्याप्त है।
किसान राम अवध सिंह , सिप्पू सिंह, गुड्डू चौबे, राम अवतार चौबे, बृजेश चौबे, श्याम नारायण चौबे ने बताया कि नहर बंद कर साइडवाल का निर्माण कार्य चल रहा था। गेंहू सिंचाई के लिए नहर में पानी छोड़े जाने पर दीवार का एक हिस्सा दबाव नहीं झेल सका और धंस गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कमी छुपाने के लिए ठेकेदार द्वारा जेसीबी से मिट्टी डालने का प्रयास किया गया।
किसान नेता राम अवध सिंह ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है और विभागीय अधिकारियों की निगरानी भी न के बराबर है। राम अवध सिंह ने मांग की कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने यह भी कहा कि नहर किसानों की जीवनरेखा है। यदि इस तरह की लापरवाही रही तो आने वाले समय में नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ेगा। पहले से ही किसान सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं और ऐसे में निर्माण की खराब गुणवत्ता उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही है।
स्थानीय किसानों ने भी प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोककर उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना के बाद गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
