लाइब्रेरी की आड़ में चल रहा था शेयर मार्केट ठगी का नेटवर्क, 12 गिरफ्तार
लाइब्रेरी की आड़ में कथित तौर पर फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी का नेटवर्क चलाने का मामला सामने आया है। बलुआ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सराय रसूलपुर स्थित ‘रीडर्स कम्युनिटी क्लब’ में छापा मारकर मुख्य संचालक समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को शेयर मार्केट का जानकार और इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उनके डीमैट और ट्र
चंदौली

3:31 PM, Aug 25, 2026
चंदौली/बलुआ। लाइब्रेरी की आड़ में कथित तौर पर फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी का नेटवर्क चलाने का मामला सामने आया है। बलुआ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सराय रसूलपुर स्थित ‘रीडर्स कम्युनिटी क्लब’ में छापा मारकर मुख्य संचालक समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को शेयर मार्केट का जानकार और इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताकर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उनके डीमैट और ट्रेडिंग खातों की जानकारी लेकर ट्रेडिंग की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, मौके से 24 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 42 सिम कार्ड, 250 जीबी की हार्ड डिस्क, एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद हुए हैं। डायरी और रजिस्टर में करीब 250 लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और शेयर मार्केट से संबंधित प्रविष्टियां मिली हैं।
तीन लोगों ने बताई करीब 9.50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति
पुलिस टीम ने डायरी में दर्ज कुछ मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, तीन लोगों ने शेयर मार्केट से संबंधित गतिविधियों में करीब 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी या आर्थिक क्षति होने की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एनसीआरबी पोर्टल समेत अन्य माध्यमों से पड़ताल शुरू कर दी है।
नुकसान होने पर बंद कर देते थे मोबाइल
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी आनंद मौर्या ने कथित तौर पर बताया कि वह अपनी टीम के साथ ग्राहकों को फोन कर खुद को शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट का जानकार तथा इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताता था। अधिक लाभ का भरोसा देकर ग्राहकों को विश्वास में लेने के बाद उनके डीमैट और ट्रेडिंग खातों की जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद खाते को हैंडल कर शेयर बाजार में ट्रेडिंग की जाती थी। पुलिस के अनुसार, ट्रेडिंग में नुकसान होने पर उसका भार संबंधित खाताधारक पर पड़ता था और बाद में आरोपियों की ओर से मोबाइल फोन बंद कर दिया जाता था।
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मुख्य संचालक को मंदिर के पास से पकड़ा
पुलिस के अनुसार, सराय रसूलपुर स्थित परिसर में कार्रवाई के दौरान 11 लोग मोबाइल और लैपटॉप के जरिये काम करते मिले। पूछताछ में मुख्य संचालन आनंद मौर्या द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे सुरतापुर काली माता मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक एप्पल और एक एचपी एलिटबुक लैपटॉप समेत तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में आनंद मौर्या, प्रकाश मौर्या, जोगिंदर मौर्या, सिद्धार्थ मौर्या, अभिषेक विश्वकर्मा, विकास शर्मा, कुशवाहा, प्रीतम कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, आकाश मौर्या, विशाल गौड़ और विशाल मौर्या शामिल हैं। इनमें कई आरोपी सराय रसूलपुर, इटवा, धानापुर और रामपुर के रहने वाले हैं।
12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने बताया कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कार्रवाई के आधार पर बलुआ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 254/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
