कृषि निर्यात की संभावनाओं पर कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में संगोष्ठी आयोजित
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में सोमवार को एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “कृषि निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा” विषयक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के किसानों, महिला कृषकों एवं एफपीओ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 145 प्रतिभागियों में 85 पुरुष एवं 60 महिला किसान शा
चंदौली

5:37 PM, May 11, 2026
चन्दौली। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली में सोमवार को एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “कृषि निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा” विषयक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के किसानों, महिला कृषकों एवं एफपीओ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 145 प्रतिभागियों में 85 पुरुष एवं 60 महिला किसान शामिल रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने चंदौली में उत्पादित ब्लैक राइस, आदमचीनी (जीआई टैग) सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों, सब्जियों एवं फलों के निर्यात और मार्केटिंग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को निर्यात गुणवत्ता के अनुरूप उत्पादन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. सी.बी. सिंह, डीजीएम (एपीडा), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि लोगों को गांव में ही रोजगार मिले और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने महिलाओं एवं युवाओं को छोटे उद्योग स्थापित कर मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने तथा समूह बनाकर व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उद्योग स्थापित करने पर बल दिया।
आईआरआरआई (अंतर्राष्ट्रीय दक्षिण एशिया चावल अनुसंधान केंद्र) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विवेक कुमार ने धान की नई एवं उन्नत प्रजातियों पर जानकारी दी तथा किसानों को आधुनिक तकनीक और डीएसआर तकनीक अपनाने की सलाह दी।
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डॉ. अभयदीप गौतम ने डीएसआर तकनीक, बीज उपचार एवं मृदा उपचार के माध्यम से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की जानकारी देते हुए कहा कि सही तकनीक अपनाकर लागत कम और उत्पादन अधिक किया जा सकता है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र देव दुबे ने मिर्च के निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) सुनील कुमार भगत ने किसानों को उद्योग स्थापना से जुड़ी विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की जानकारी देते हुए पूर्ण वित्तीय सहयोग का आश्वासन दिया।
