कागजों में मृत घोषित है रविशंकर, हकीकत में बोलता-चलता है
धानापुर। चंदौली जिले में सरकारी अभिलेखों में जीवित लोगों को मृत दर्शाए जाने का मामला सामने आया है। धानापुर क्षेत्र के खड़ान गांव निवासी रविशंकर विश्वकर्मा पुत्र मार्कण्डेय विश्वकर्मा का नाम राशन कार्ड में जोड़ने के दौरान उन्हें विभागीय रिकॉर्ड में मृत बताया जा रहा है। मामले को जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने उठाते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
चंदौली

5:00 PM, Sep 3, 2026
जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने उठाया मामला, अधिकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
धानापुर। चंदौली जिले में सरकारी अभिलेखों में जीवित लोगों को मृत दर्शाए जाने का मामला सामने आया है। धानापुर क्षेत्र के खड़ान गांव निवासी रविशंकर विश्वकर्मा पुत्र मार्कण्डेय विश्वकर्मा का नाम राशन कार्ड में जोड़ने के दौरान उन्हें विभागीय रिकॉर्ड में मृत बताया जा रहा है। मामले को जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने उठाते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
अंजनी सिंह के अनुसार, रविशंकर विश्वकर्मा के परिवार को पहले राशन मिलता था। परिवार में राशन कार्ड के मुखिया का नाम उनकी बहन के नाम से दर्ज था। बहन की शादी होने के बाद उसका नाम राशन कार्ड से हटाकर रविशंकर की पत्नी का नाम जोड़ा गया और नया राशन कार्ड जारी हुआ। बाद में रविशंकर की पत्नी का नाम मायके के राशन कार्ड में भी दर्ज होने के कारण संबंधित राशन कार्ड डिलीट कर दिया गया। करीब पांच वर्ष बाद नया राशन कार्ड जारी हुआ, लेकिन उसमें रविशंकर विश्वकर्मा का नाम नहीं जुड़ सका।
बताया गया कि रविशंकर का नाम राशन कार्ड में जोड़ने के लिए आवेदन किए जाने पर विभागीय रिकॉर्ड में उनका नाम मृतक के रूप में प्रदर्शित हो रहा है। इसके चलते जीवित होने के बावजूद उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत माना जा रहा है।
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मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने कहा कि जिले में यदि किसी जीवित व्यक्ति को किसी विभाग के अभिलेखों में मृत घोषित किया गया है तो वह उनके संज्ञान में लाएं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे मामलों को सामने लाकर संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करेंगे।
अंजनी सिंह ने आरोप लगाया कि किसी जीवित व्यक्ति को सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाना गंभीर लापरवाही है और इससे संबंधित व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है। उन्होंने प्रशासन से जिले के विभिन्न विभागों के अभिलेखों की जांच कर ऐसे मामलों का तत्काल निस्तारण कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि जिले के किसी भी गांव या क्षेत्र से इस प्रकार की शिकायत सामने आती है तो वह संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों और शासन स्तर पर शिकायत करेंगे। जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही।
जिला पंचायत सदस्य ने चंदौली के जिलाधिकारी और प्रदेश सरकार से मामले का संज्ञान लेकर जीवित लोगों को अभिलेखों में मृत दर्शाए जाने की शिकायतों की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
