कमालपुर रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध का हुआ सजीव मंचन, अधर्म पर धर्म की विजय का दिया संदेश
कमालपुर। कमालपुर में आयोजित रामलीला में गुरुवार की रात राम-सुग्रीव मित्रता एवं बाली वध प्रसंग का कलाकारों ने भावपूर्ण और जीवंत मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर प्रभु श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, विश्वास, सहयोग तथा धर्म की रक्षा के संकल्प को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। वहीं बाली वध के प्रसंग ने पूरे रामलीला परिसर में उत्साह और रोमांच का माहौल बना दिया।
कमालपुर, चंदौली

6:03 PM, Oct 16, 2026
नीरज अग्रहरि
जनपद न्यूज़ टाइम्सराम-सुग्रीव की मित्रता ने दर्शकों को किया भावविभोर, बाली वध के प्रसंग ने बांधा समां
कमालपुर। कमालपुर में आयोजित रामलीला में गुरुवार की रात राम-सुग्रीव मित्रता एवं बाली वध प्रसंग का कलाकारों ने भावपूर्ण और जीवंत मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर प्रभु श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, विश्वास, सहयोग तथा धर्म की रक्षा के संकल्प को देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे। वहीं बाली वध के प्रसंग ने पूरे रामलीला परिसर में उत्साह और रोमांच का माहौल बना दिया।
मंचन के दौरान माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण की मुलाकात हनुमानजी के माध्यम से सुग्रीव से होती है। अपने दुखों से व्यथित सुग्रीव प्रभु श्रीराम को अपने बड़े भाई बाली द्वारा किए गए अन्याय और अत्याचार की कथा सुनाते हैं। इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव के बीच मित्रता स्थापित होती है। दोनों एक-दूसरे की सहायता करने तथा अपने-अपने कर्तव्यों को पूरा करने का संकल्प लेते हैं।
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मित्रता के वचन को निभाते हुए प्रभु श्रीराम सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाने के लिए बाली को युद्ध की चुनौती देने में सहायता करते हैं। सुग्रीव और बाली के बीच भीषण युद्ध होता है। अंततः प्रभु श्रीराम के बाण से बाली धराशायी हो जाता है। इस प्रसंग का प्रभावशाली मंचन देखकर दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की। कलाकारों के संवाद, भाव-भंगिमा और युद्ध दृश्य ने रामलीला को जीवंत बना दिया।
राम-सुग्रीव मित्रता का प्रसंग यह संदेश देता है कि सच्ची मित्रता विश्वास, समर्पण और एक-दूसरे के संकट में साथ खड़े रहने से मजबूत होती है। इस मौके पर त्रिलोकीनाथ जायसवाल, श्याम बिहारी दुबे, हरिवंश उपाध्याय, संजीवन मिश्रा, रविंद्र नाथ दुबे, बसंत मिश्रा, संजय मिश्रा, गणेश अग्रहरि, प्रमोद रस्तोगी, महेश अग्रहरि, भरत रस्तोगी, सुदर्शन रस्तोगी, मुकुंद वर्मा, शम्मी रस्तोगी, गोविंद दुबे, विकास गुप्ता, सोनू गुप्ता, हर्ष अग्रहरि, विजय मौर्य, बिनोद दुबे, पप्पू दुबे, शिव रस्तोगी आदि रहे।
