गजेंद्रपुर में पैमाइश पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लेखपाल-कानूनगो पर लगाया मनमानी का आरोप
क्षेत्र के ग्राम सभा गजेंद्रपुर (परसादपुर) में भूमि पैमाइश और सीमांकन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने स्थानीय लेखपाल, कानूनगो एवं अन्य राजस्व अधिकारियों पर मनमाने ढंग से जमीन की नापी कर सीमांकन करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर गांव में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है।
चंदौली

6:09 PM, Jun 9, 2026
धानापुर। क्षेत्र के ग्राम सभा गजेंद्रपुर (परसादपुर) में भूमि पैमाइश और सीमांकन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने स्थानीय लेखपाल, कानूनगो एवं अन्य राजस्व अधिकारियों पर मनमाने ढंग से जमीन की नापी कर सीमांकन करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर गांव में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को आवंटित भूमि की कई बार अलग-अलग तरीके से पैमाइश की गई, जिससे आसपास के किसानों और भूमिधरों की जमीन प्रभावित हुई है। उनका आरोप है कि हर बार अलग-अलग परिणाम आने से भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम और विवाद पैदा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन के दौरान सरहद पर पत्थर स्थापित किए गए, लेकिन संबंधित किसानों और पड़ोसी भूमिधरों को इसकी पूर्व सूचना नहीं दी गई। इससे कई किसानों की भूमि कम दिखाई जाने लगी, जबकि कुछ लोगों का दावा है कि उनकी जमीन का हिस्सा मौके पर पूरी तरह गायब हो गया है। उनका कहना है कि राजस्व अभिलेखों और नक्शों में भूमि दर्ज होने के बावजूद गलत पैमाइश के कारण वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है।
Advertisement
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा निर्धारित "पक्की पैमाइश" की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बिना संबंधित पक्षों की उपस्थिति में पैमाइश कर फील्ड बुक तैयार की गई और उसी के आधार पर सीमांकन कर दिया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में एक विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य किया गया तथा धन उगाही भी की गई।
गांव के किसान बुल्लू बिंद, गिरधारी पांडेय, लालता बिंद, रामअवतार यादव सहित कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उच्च राजस्व अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने दोबारा पारदर्शी तरीके से पैमाइश कराए जाने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
