बड़ौरा में 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पांचवें दिन भी धरना जारी, ग्रामीणों ने दी अनशन की चेतावनी
शहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र के बड़ौरा गांव में ग्रामीणों का अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों में लगातार उत्साह बना हुआ है। ग्रामीण हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांगों के समर्थन में जनसमर्थन जुटा रहे हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शहाबगंज, चंदौली

7:41 PM, Oct 25, 2026
Vinod Kumar
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र के बड़ौरा गांव में ग्रामीणों का अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों में लगातार उत्साह बना हुआ है। ग्रामीण हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांगों के समर्थन में जनसमर्थन जुटा रहे हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के बीच चंदौली जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से टेलीफोन पर वार्ता की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से उनकी 12 सूत्रीय मांगों से संबंधित मांग-पत्र उपलब्ध कराने को कहा, ताकि संबंधित समस्याओं पर सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके और उनका समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में पहल हो सके। प्रशासन की ओर से हुई इस बातचीत के बाद ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने के अपने निर्णय पर कायम हैं।
रविवार को आयोजित धरने में सीता देवी, शारदा देवी, ऊषा देवी, मीरा देवी सहित अनेक ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शामिल रहे। धरना स्थल पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और ग्रामीणों के उत्साह ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी। ग्रामीण लगातार हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपनी मांगों को प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
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धरने में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सुनवाई नहीं होती और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तो वे अनशन पर बैठने के लिए विवश होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
फिलहाल, बड़ौरा में पांच दिनों से जारी धरना प्रशासन के अगले कदम की प्रतीक्षा कर रहा है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के मांग-पत्र पर प्रशासन कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में क्या ठोस पहल की जाती है।
