बांग्लादेश में सियासी उबाल तेज, जुलाई आंदोलन के नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़की
बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में पहुंच गई है। जुलाई आंदोलन के प्रमुख नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हादी छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। उनकी मौत के बाद देशभर में शोक, आक्रोश और व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
ढाका

8:08 AM, Dec 19, 2025
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में पहुंच गई है। जुलाई आंदोलन के प्रमुख नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हादी छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। उनकी मौत के बाद देशभर में शोक, आक्रोश और व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
सिंगापुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
ढाका से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शरीफ उस्मान हादी को पिछले सप्ताह अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। हादी जुलाई आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के नेताओं में गिने जाते थे और मौजूदा राजनीतिक हालात में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही थी।
शोक मार्च, पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन
हादी की मौत की खबर फैलते ही राजधानी ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शन तेज हो गए।
ढाका विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठन जातीय छात्र शक्ति ने शोक मार्च निकाला और गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी में सरकार की विफलता का आरोप लगाया।
मीडिया दफ्तरों पर हमले, आगजनी और तोड़फोड़
बढ़ते आक्रोश के बीच हिंसा का रुख मीडिया संस्थानों की ओर भी मुड़ गया।
राजधानी में प्रोथोम आलो के दफ्तर पर भीड़ ने हमला कर कई मंजिलों में तोड़फोड़ और आगजनी की। इस दौरान कुछ पत्रकार और कर्मचारी इमारत के अंदर फंसे रहे।
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इसी तरह करवान बाजार स्थित द डेली स्टार के कार्यालय पर भी आधी रात के बाद हमला किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निचली मंजिलों में आग लगने से धुआं भर गया, जिससे करीब 25 पत्रकारों को छत पर शरण लेनी पड़ी। बाद में सेना की तैनाती के बीच सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सरकार ने शुरू किया ‘ऑपरेशन डेविल हंट-2’
हालात की गंभीरता को देखते हुए अंतरिम सरकार ने देशभर में कड़ी सुरक्षा लागू करते हुए ऑपरेशन डेविल हंट-2 शुरू किया है।
इसके साथ ही कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर चुनाव उम्मीदवारों और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को हथियार लाइसेंस देने की प्रक्रिया आसान करने की घोषणा भी की गई है।
मोहम्मद यूनुस का राष्ट्रीय शोक का एलान
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हादी की मौत पर गहरा शोक जताते हुए उन्हें जुलाई आंदोलन का “निडर योद्धा” बताया।
यूनुस ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक का एलान किया और भरोसा दिलाया कि हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने हादी की पत्नी और इकलौते बच्चे की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने की बात कही और नागरिकों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की।
चुनावी माहौल और प्रेस की सुरक्षा पर सवाल
हादी की हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा ने बांग्लादेश में चुनावी प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था और प्रेस की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार हत्यारों को कितनी जल्दी गिरफ्तार कर पाती है और क्या हालात पर प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकेगा।
