स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव में राजनीतिक चुनौती 30,211 मतदाता करेंगे 34 उम्मीदवार के भाग्य का फैसला
चंदौली।वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद् के चुनाव के लिए चंदौली में जिले सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक घमासान तेज है।विधान सभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा के लिए चुनौती है।इस चुनाव में दोनों पार्टियों ने अपनी अपनी ताकत झोंक दी है। 23 अक्टूबर को मतदान के लिए प्रशाशन ने कमर कस ली है।कुल 34 उम्मीदवार मैदान में हैं।
chandauli

11:14 AM, Oct 21, 2026
Manohar Kumar
जनपद न्यूज़ टाइम्समनोहर कुमार
चंदौली। वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद् के चुनाव के लिए चंदौली में जिले सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक घमासान तेज है।विधान सभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा के लिए चुनौती है।इस चुनाव में दोनों पार्टियों ने अपनी अपनी ताकत झोंक दी है। 23 अक्टूबर को मतदान के लिए प्रशाशन ने कमर कस ली है।कुल 34 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चूंकि चंदौली जिला स्वतंत्र निर्वाचन क्षेत्र न होकर 'वाराणसी खंड' का हिस्सा है जिसमें वाराणसी, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र जिला शामिल हैं), इसलिए चंदौली के मतदाता भी इन्हीं कुल 34 उम्मीदवारों के लिए मतदान करेंगे दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में
वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सीट पर कुल 24 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रइस सीट पर कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।
चंदौली में मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक जिले में कुल 10 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इस चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जगह मतपत्र और मतपेटी का उपयोग किया जाएगा।
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एमएलसी चुनाव को निष्पक्ष व सकुशल मतदान कराने को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है।
चंदौली के 10 केंद्रों पर लगभग 30,211 मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे।मतदान पार्टियां 22 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट परिसर चंदौली से अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना होगी।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देशानुसार 05 जोन, 05 जोनल मजिस्ट्रेट और 10 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। इनके साथ जोनल व सेक्टर पुलिस अधिकारी भी लगातार भ्रमणशील रहेंगे।
यूपी में एमएलसी चुनाव के प्रचार के लिए आज अंतिम दिन है। 23 अक्टूबर को वोटिंग और 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे इलेक्शन के लिए भाजपा-सपा दोनों ने ताकत झोंक दी है।
यूपी में शिक्षक और स्नातक खंड विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए बुधवार की शाम प्रचार का शोर थम जाएगा। भाजपा और सपा दोनों के लिए बेहद अहम बन चुके चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी। चार दिन बाद 27 अक्टूबर को गिनती होगी और रिजल्ट आएगा। विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस इलेक्शन को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सांसदों-विधायकों ने अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए ताकत झोंक दी है। दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर भी दिखाई दे रही है।
दरअसल एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट भी माना जा रहा है। इसकी तीन खास कारण हैं। यह चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से हो रहा है। ऐसे में भाजपा जीतती है तो सपा के ईवीएम वाले नैरेटिव को ध्वस्त करने में जुटेगी। अगर सपा जीती तो ईवीएम पर लगाए जा रहे आरोपों को बल देगी। माना जाता है कि ऐसे लोग ही समाज को दिशा देने का भी काम करते हैं। इन लोगों का समर्थन किसी भी पार्टी के पक्ष में होना अपने आप में अहम हो जाता है। तीसरा कारण पश्चिम से पूरब तक इसके वोटरों का फैलाव है। इन 11 सीटों पर सभी 75 जिले कवर हो रहे हैं। ऐसे में इस चुनाव को विधानसभा चुनाव का मूड या सर्वेक्षण भी माना जाएगा।
