शेरपुर सरैया में भीषण आग से परवल की फसल और पशुचारा राख, ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
बलुआ थाना क्षेत्र के मारूफपुर चौकी अंतर्गत शेरपुर सरैया गांव में मंगलवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग से किसान की परवल की फसल, पशुओं का हरा चारा तथा कई पेड़ जलकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों की तत्परता और पंपिंग मशीनों की मदद से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
चहनिया, चंदौली

4:19 PM, Jun 9, 2026
सुधींद्र पाण्डेय
जनपद न्यूज़ टाइम्सचहनियाँ। बलुआ थाना क्षेत्र के मारूफपुर चौकी अंतर्गत शेरपुर सरैया गांव में मंगलवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग से किसान की परवल की फसल, पशुओं का हरा चारा तथा कई पेड़ जलकर नष्ट हो गए। ग्रामीणों की तत्परता और पंपिंग मशीनों की मदद से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी कैलास सिंह यादव के घर के समीप स्थित बांस की खूंटी और परवल के खेत में अचानक आग लग गई। तेज हवा के चलते आग ने तेजी से फैलते हुए आसपास के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों से खेत में खड़ी परवल की फसल, पशुओं के लिए रखा हरा चारा तथा नीम और यूकेलिप्टस के पेड़ झुलस गए। हालांकि आग लगने के समय पास में बंधे पशुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और पास में संचालित पंपिंग सेटों से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास और सूझबूझ के चलते आग पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद दमकल विभाग की टीम आग लगभग बुझ जाने के बाद मौके पर पहुंची। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस समय पंपिंग मशीनें उपलब्ध न होतीं और बिजली आपूर्ति बाधित होती, तो आग विकराल रूप धारण कर सकती थी।
पीड़ित किसान कैलास सिंह यादव ने बताया कि आग से उनकी परवल की खड़ी फसल, बांस की खूंटी, पशुओं का हरा चारा तथा नीम और यूकेलिप्टस के पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे उन्हें आर्थिक क्षति के साथ-साथ पशुओं के चारे की समस्या का भी सामना करना पड़ेगा।
घटना की सूचना पर हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते किए गए प्रयासों के कारण बड़ा नुकसान होने से बच गया।
