धानापुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पदयात्रा, छात्र-छात्राओं ने दिया जागरूकता संदेश
शहीद हीरा सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से नारी शक्ति पदयात्रा का आयोजन किया गया। पदयात्रा महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक निकाली गई। इसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
धानापुर, चंदौली

3:41 PM, Apr 15, 2026
धानापुर। कस्बा स्थित शहीद हीरा सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से नारी शक्ति पदयात्रा का आयोजन किया गया। पदयात्रा महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक निकाली गई। इसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
पदयात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में दफ्तियां लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में नारे लिखे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
पदयात्रा के समापन के बाद व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा की जिला प्रतिनिधि श्रीमती जूली सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए यह गर्व का विषय है कि देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें सुनहरा अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। इससे बहन-बेटियां और माताएं लोकसभा, राज्यसभा तथा प्रदेश की विधानसभाओं और विधान परिषदों में जाकर महिलाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगी और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी।
डॉ. संदीप यादव ने कहा कि महिलाओं को समान सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकार एवं अवसर प्रदान कर ही समतामूलक समाज की स्थापना संभव है। वहीं डॉ. प्रशांत मिश्र ने भी अधिनियम पर अपने विचार व्यक्त किए।
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बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्राएं अलका पटेल और अनामिका सिंह तथा बीए चतुर्थ सेमेस्टर की अंजली भारती ने कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं के राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ध्रुव भूषण सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार-प्रसार और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
