गेहूँ की फसल पर धान की टिड्डियों का प्रकोप, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि वर्तमान समय में धान की फसल की कटाई पूर्ण हो जाने के कारण धान की टिड्डियाँ गेहूँ की कोमल फसल को नुकसान पहुँचा रही हैं। जनपद के उन क्षेत्रों में, जहाँ अभी छिटपुट रूप से ही गेहूँ की बुवाई हुई है, टिड्डियों को हरे पौधे सीमित खेतों में ही उपलब्ध हो रहे हैं। इसी कारण ये टिड्डियाँ उन्हीं खेतों में एकत्र होकर गेहूँ के पौधों को काटते
चंदौली

जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा
4:21 PM, Dec 15, 2025
जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि वर्तमान समय में धान की फसल की कटाई पूर्ण हो जाने के कारण धान की टिड्डियाँ गेहूँ की कोमल फसल को नुकसान पहुँचा रही हैं। जनपद के उन क्षेत्रों में, जहाँ अभी छिटपुट रूप से ही गेहूँ की बुवाई हुई है, टिड्डियों को हरे पौधे सीमित खेतों में ही उपलब्ध हो रहे हैं। इसी कारण ये टिड्डियाँ उन्हीं खेतों में एकत्र होकर गेहूँ के पौधों को काटते व खाते हुए देखी जा रही हैं।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को सतर्क रहने एवं समय पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
बचाव एवं नियंत्रण के उपाय
खेतों की मेड़ों पर उगे खरपतवारों की नियमित साफ-सफाई करें।
किसान भाई अपने खेतों की निरंतर निगरानी करते रहें।
यदि फसल सिंचाई की अवस्था में हो तो तुरंत सिंचाई कर दें।
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कीट नियंत्रण हेतु निम्न में से किसी एक का प्रयोग करें—
नीम ऑयल 1500 पीपीएम: 2–5 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।
क्लोरपाइरीफॉस 1.5 प्रतिशत डीपी: 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें।
लेम्डा-सायहैलोथ्रिन 2.5 प्रतिशत ईसी: 500 मिली प्रति हेक्टेयर को 350–500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि समय रहते इन उपायों को अपनाकर गेहूँ की फसल को होने वाले नुकसान से बचाएं।जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि वर्तमान समय में धान की फसल की कटाई पूर्ण हो जाने के कारण धान की टिड्डियाँ गेहूँ की कोमल फसल को नुकसान पहुँचा रही हैं। जनपद के उन क्षेत्रों में, जहाँ अभी छिटपुट रूप से ही गेहूँ की बुवाई हुई है, टिड्डियों को हरे पौधे सीमित खेतों में ही उपलब्ध हो रहे हैं। इसी कारण ये टिड्डियाँ उन्हीं खेतों में एकत्र होकर गेहूँ के पौधों को काटते व खाते हुए देखी जा रही हैं।
