अर्नव के कहर से खेतों में गिरी धान की फसल, पैदावार प्रभावित होने की आशंका
शहाबगंज। क्षेत्र में अर्नव के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार हो रही धान की फसल बारिश और हवा के चलते जमीन पर गिर गई है। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही पैदावार में भारी गिरावट आने की आशंका बढ़ गई है। लगातार बारिश होने से खेतों में गिरी धान की फसल के सड़ने और दाने की चमक प्रभावित होने का खतरा भी मंडराने लगा है।
शहाबगंज, चन्दौली

11:23 AM, Oct 30, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सअर्नव के कहर से खेतों में गिरी धान की फसल, पैदावार प्रभावित होने की आशंका
शहाबगंज। क्षेत्र में अर्नव के प्रभाव से हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार हो रही धान की फसल बारिश और हवा के चलते जमीन पर गिर गई है। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही पैदावार में भारी गिरावट आने की आशंका बढ़ गई है। लगातार बारिश होने से खेतों में गिरी धान की फसल के सड़ने और दाने की चमक प्रभावित होने का खतरा भी मंडराने लगा है।
विकासखंड के मुरकौल, तियरा, महारथपुर, अताय, करनौल, ठेकहा, राममाड़ो, भटरौल, डूमरी सहित क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में अर्नव का असर देखने को मिला। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण गिर गई है। खासकर नाटी मंसूरी धान की फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। यह धान इस समय पकने की अवस्था में है। ऐसे में मौसम की मार किसानों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है।
Advertisement
किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च करना पड़ता है। इस बार मौसम की मार से उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। खेतों में गिरी फसल की कटाई करना भी मुश्किल होगा। वहीं, लगातार बारिश होने से खेतों में पानी भरने पर धान की बालियों के खराब होने की संभावना है।
मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं कि जल्द मौसम साफ हो, जिससे बची हुई फसल को सुरक्षित किया जा सके।किसान नेता राम अवध सिंह व शतीष चौहान ने किसानों से अपील करते हुए कहां कि क्षतिग्रस्त हुए फसल का तुरंत क्षेत्रीय लेखपाल से जांच कराएं जिससे शासन से मुआवजा मांगा जा सकें।
