60/90 दिन में विवेचना पूरी न करने पर एक दरोगा निलंबित, तीन के खिलाफ जांच
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सकलडीहा सर्किल में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने पर एक विवेचक को निलंबित कर दिया, जबकि तीन अन्य विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। कार्रवाई 60 और 90 दिनों के भीतर विवेचनाओं का निस्तारण नहीं किए जाने तथा अपेक्षित प्रगति न मिलने पर की गई।
चंदौली

2:59 PM, Aug 14, 2026
सकलडीहा। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सकलडीहा सर्किल में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने पर एक विवेचक को निलंबित कर दिया, जबकि तीन अन्य विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। कार्रवाई 60 और 90 दिनों के भीतर विवेचनाओं का निस्तारण नहीं किए जाने तथा अपेक्षित प्रगति न मिलने पर की गई।
पुलिस अधीक्षक ने 13 अगस्त को सकलडीहा सर्किल में लंबित विवेचनाओं की समीक्षा के लिए अर्दली रूम किया। इस दौरान थाना धानापुर में दर्ज मुकदमे की विवेचना में लंबे समय से प्रगति नहीं मिलने पर उपनिरीक्षक ना0पु0 सकलैन अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार थाना धानापुर में दर्ज मु0अ0सं0 04/2025, धारा 125बी, 281 और 324(2) बीएनएस की विवेचना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई थी। मुकदमा दर्ज हुए करीब एक वर्ष छह माह बीत जाने के बाद भी विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं होने को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लिया।
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इसी तरह थाना धीना और बलुआ में दर्ज मुकदमों की विवेचनाओं में भी 60 और 90 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। घटनाओं का अनावरण नहीं होने और विवेचनात्मक कार्य में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित तीन विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी विवेचकों को निर्देश दिया कि 60 और 90 दिनों के भीतर निस्तारित की जाने वाली विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साक्ष्यों का संकलन एवं परीक्षण करने के साथ ही विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेचनाओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पुलिस की प्राथमिकता है। अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
