श्रीराम कथा के अष्टम दिवस पर किष्किंधा कांड का हुआ भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
महाराज जी ने बताया कि चित्रकूट में भगवान श्रीराम ने जयंत के मोह का नाश किया और आगे पंचवटी की ओर प्रस्थान किया। मार्ग में अनेक मुनियों से भेंट हुई तथा जटायु जी से मिलकर पंचवटी में निवास किया। वहीं रावण की बहन शूर्पणखा आई, जिसके दुराचार पर भगवान की आज्ञा से लक्ष्मण जी ने उसके नाक-कान काट दिए। इसके पश्चात भगवान श्रीराम ने खर-दूषण का वध किया। आगे मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर आया, जिसके पीछे श्रीराम
चहनिया, चंदौली

कथा सुनाते व्यास पंडित प्रभात जी महाराज
12:37 PM, May 4, 2026
सुधींद्र पांडेय
जनपद न्यूज़ टाइम्सचहनियाँ। क्षेत्र के बैराठ स्थित गौरीशंकर महादेव मंदिर पर आयोजित संगीतमय नव दिवसीय श्री राम कथा के अष्टम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित प्रभात जी महाराज ने श्रीराम के वनवास काल के महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
महाराज जी ने बताया कि चित्रकूट में भगवान श्रीराम ने जयंत के मोह का नाश किया और आगे पंचवटी की ओर प्रस्थान किया। मार्ग में अनेक मुनियों से भेंट हुई तथा जटायु जी से मिलकर पंचवटी में निवास किया। वहीं रावण की बहन शूर्पणखा आई, जिसके दुराचार पर भगवान की आज्ञा से लक्ष्मण जी ने उसके नाक-कान काट दिए। इसके पश्चात भगवान श्रीराम ने खर-दूषण का वध किया। आगे मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर आया, जिसके पीछे श्रीराम और लक्ष्मण चले गए। इसी दौरान रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और जटायु जी को घायल कर दिया। भगवान श्रीराम ने जटायु जी को मोक्ष प्रदान किया।
Advertisement
कथा में आगे शबरी माता से भेंट, सुग्रीव से मित्रता और किष्किंधा कांड का मार्मिक वर्णन किया गया। बाली वध प्रसंग का उल्लेख करते हुए महाराज जी ने बताया कि जब बाली ने भगवान से प्रश्न किया-“मैं बैरी सुग्रीव पियारा, कारण कवन नाथ मोहि मारा।”तब भगवान ने उत्तर दिया कि जो व्यक्ति अपनी मर्यादा भूलकर रिश्तों की पवित्रता का उल्लंघन करता है, उसे दंड अवश्य मिलता है। महाराज जी ने कहा कि भगवान जिसको मारते हैं, उसे अपने धाम भेजकर मोक्ष प्रदान करते हैं।कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।इस अवसर पर फलाहारी बाबा, गोपालदास, सच्चिदानंद शास्त्री, प्रवीण शास्त्री, प्रमोद सिंह, कैलाश पांडे, छोटू राजभर, जगधारी गिरी, प्रदीप राय, रामसिंह यादव, राजनाथ गुप्ता, भैरव प्रजापति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
