जनपद के सबसे बड़े वृहद गो संरक्षण केंद्र में एक भी गाय नहीं, बदहाल व्यवस्था पर सवाल
धानापुर। जनपद के सबसे बड़े वृहद गो संरक्षण केंद्र में निर्माण पूरा होने के बाद भी एक भी गाय नहीं है। करीब 1.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए गौशाला परिसर में बरसात का पानी भरा हुआ है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने और परिसर का समतलीकरण न होने से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे गौशाला की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धानापुर, चंदौली

7:37 AM, Aug 26, 2026
धानापुर। जनपद के सबसे बड़े वृहद गो संरक्षण केंद्र में निर्माण पूरा होने के बाद भी एक भी गाय नहीं है। करीब 1.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए गौशाला परिसर में बरसात का पानी भरा हुआ है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने और परिसर का समतलीकरण न होने से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे गौशाला की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जलनिकासी नहीं, परिसर में भरा बारिश का पानी
बारिश के बाद गौशाला परिसर में जगह-जगह पानी जमा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी निकल नहीं पा रहा है। कई स्थानों पर कीचड़ की स्थिति बनी हुई है।
बाउंड्रीवाल के अभाव में कुत्ते और हिंसक जानवरों का जमावड़ा
गौशाला की मजबूत बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण परिसर में कुत्तों और सियार का आवागमन बना रहता है। ऐसे में यहां पशुओं को रखने पर उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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समतलीकरण नहीं होने से जगह-जगह गड्ढे
गौशाला परिसर का समुचित समतलीकरण नहीं होने से कई स्थानों पर गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से समस्या और बढ़ गई है।
कैटलशेड के बगल से मिट्टी निकालने पर बना गड्ढा
कैटलशेड के बगल से मिट्टी निकालने के कारण वहां गहरा गड्ढा बन गया है, जिसमें बारिश का पानी जमा है। इससे पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
एक ओर सरकार गोवंश संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद के सबसे बड़े वृहद गो संरक्षण केंद्र में बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव नजर आ रहा है। अब देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इन कमियों को दूर कराकर केंद्र को गोवंश के लिए उपयोगी बनाते हैं।
