300 बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी का जाल! पूर्व बैंककर्मी समेत दो गिरफ्तार
धानापुर। थाना धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व बैंक कर्मचारी रोहित कुमार उर्फ काला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार रोहित ने अपने बैंक कर्मचारी रहते करीब 300 बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों में से कितने खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल हुए, इसकी जांच की जा रही है।
चंदौली

3:58 PM, Sep 12, 2026
गरीब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और मुद्रा लोन का झांसा देकर खुलवाते थे जीरो बैलेंस खाते
चार म्यूल खातों से 18 साइबर फ्रॉड शिकायतें, करीब 2.5 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
पूर्व बैंक कर्मचारी ने करीब 300 खाते खुलवाए, पुलिस सभी खातों की कर रही जांच
धानापुर। थाना धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व बैंक कर्मचारी रोहित कुमार उर्फ काला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार रोहित ने अपने बैंक कर्मचारी रहते करीब 300 बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों में से कितने खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल हुए, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद की है। प्रारंभिक जांच में चार म्यूल बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 18 अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में करीब 2.5 लाख रुपये की ठगी रिपोर्ट हुई है। नेटवर्क के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
सरकारी योजनाओं का झांसा देकर खुलवाते थे खाते
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य गांवों में जाकर गरीब ग्रामीणों को प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद जीरो बैलेंस खाते खुलवाए जाते थे। खाता खुलने के बाद खाताधारकों से एटीएम कार्ड, पासबुक और ओटीपी जैसी बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली जाती थी।
इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम मंगाने के लिए किया जाता था। इसके बाद एटीएम के जरिए रकम निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पूर्व बैंक कर्मचारी ने खोले थे करीब 300 खाते
पुलिस के अनुसार आरोपी रोहित कुमार उर्फ काला पूर्व में एक्सिस बैंक, सकलडीहा में कर्मचारी था। इसी दौरान उसने करीब 300 बैंक खाते खुलवाए थे। पुलिस को संदेह है कि उसके बैंकिंग अनुभव का इस्तेमाल साइबर अपराध के लिए किया गया। इन सभी खातों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
फर्जी मुद्रा लोन वेबसाइट से करते थे ठगी
Advertisement
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट और भ्रामक विज्ञापन तैयार कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ठगी से प्राप्त रकम को पहले से तैयार म्यूल खातों में मंगाया जाता था। पुलिस के अनुसार खाते की जानकारी मुंबई में मौजूद सहयोगियों तक भी भेजी जाती थी।
जांच से बचने के लिए आरोपी आशीष पर दूसरे व्यक्तियों के नाम-पते वाले कूटरचित आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर इस्तेमाल करने का भी आरोप है।
2024 में खाते खुलवाने का आरोप, 2026 में हुई शिकायत
पुलिस के अनुसार 22 फरवरी 2026 को एहतशामुद्दीन और उनके साथियों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी थी। आरोप था कि जनवरी 2024 में गांव के कालीन कारखाने में एक्सिस बैंक के कर्मचारी रोहित कुमार और उसके साथी रावण उर्फ शुभम ने विभिन्न सुविधाओं का लालच देकर उनके जीरो बैलेंस खाते खुलवाए थे।
खाता खुलने के बाद खाताधारकों को चेकबुक तो दी गई, लेकिन एटीएम देने के बहाने ओटीपी हासिल कर लिया गया। बाद में खातों में भारी लेनदेन के संदेश आने पर खाताधारकों ने बैंक में जानकारी की। जांच में उनके खातों से उनकी जानकारी और सहमति के बिना संदिग्ध लेनदेन सामने आया।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना चंदौली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बाद में धानापुर थाने में भी मुकदमा दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाई गई।
ओदरा मार्ग से दबोचे गए दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर 12 सितंबर को दोपहर करीब 12:20 बजे ओदरा मार्ग से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष विश्वकर्मा (22) निवासी पसाई, थाना धीना और रोहित कुमार उर्फ काला (31) निवासी सेवढ़ी मड़ई, थाना बलुआ के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि रोहित द्वारा पूर्व में खुलवाए गए करीब 300 बैंक खातों की जांच पूरी होने के बाद साइबर अपराध से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की भूमिका सामने आ सकती है।
इनकी रही गिरफ्तारी में भूमिका
कार्रवाई धानापुर थाना प्रभारी आदर्श सलिल स्वरूप के नेतृत्व में हुई। टीम में उपनिरीक्षक गेंदा सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार मौर्या और महिला कांस्टेबल श्वेता सिंह शामिल रहीं। साइबर टीम में प्रभारी उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग, हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव, कांस्टेबल मनोज चौहान और कांस्टेबल अनिल प्रजापति शामिल रहे।
