शहीद हीरा सिंह राजकीय पीजी कॉलेज में "आकांक्षी जिलों के सशक्तिकरण" पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन
धानापुर। कस्बा स्थित शहीद हीरा सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन “आकांक्षी जिलों का सशक्तिकरण: सतत विकास के लिए रणनीतियाँ” विषय पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं खुशी, रुचि और स्वेता ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत गुल
धानापुर, चंदौली

4:48 PM, Mar 30, 2026
धानापुर। कस्बा स्थित शहीद हीरा सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन “आकांक्षी जिलों का सशक्तिकरण: सतत विकास के लिए रणनीतियाँ” विषय पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं खुशी, रुचि और स्वेता ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत गुलदस्ता, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ध्रुव भूषण ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आकांक्षी जनपद चंदौली के समग्र विकास में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में आकांक्षी जनपदों को लाभ मिला है और लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
संगोष्ठी के संयोजक डॉ. प्रदीप वर्मा ने संगोष्ठी की भूमिका एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी क्षमता को पहचानकर और उसे प्रोत्साहित कर ही आकांक्षी जनपद विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकते हैं। जागरूकता से ही इन जिलों का वास्तविक विकास संभव है।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार ने अपने बीज वक्तव्य में कहा कि विकास को समावेशी और सतत बनाना आकांक्षी जिलों के समग्र विकास की सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक विकास संतुलित और समावेशी नहीं होगा, तब तक वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और कौशल प्रशिक्षण को विकास का आधार बताया।
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