श्रद्धा के साथ पूजे गए नागदेवता
सावन का सोमवार और नाग पंचमी का पर्व एक साथ पड़ने से लोगों के श्रद्धा और आस्था एक भाव और बढ़ गया।शिवालयों में पूजा और नागदेवता को दूध लावा चढ़ाया गया। सोमवार को नागपंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिरों व घरों में नाग देवता पूजे गये। लोगों ने दूध, लावा व अन्य पूजन सामग्रियों से पूजा कर नाग देवता की आराधना की। परंपरा के अनुसार कई स्थानों के अखाड़े पर आयोजित कुश्ती प्रतियोगिताओं
चंदौली

7:44 PM, Aug 17, 2026
चंदौली। सावन का सोमवार और नाग पंचमी का पर्व एक साथ पड़ने से लोगों के श्रद्धा और आस्था एक भाव और बढ़ गया।शिवालयों में पूजा और नागदेवता को दूध लावा चढ़ाया गया। सोमवार को नागपंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिरों व घरों में नाग देवता पूजे गये। लोगों ने दूध, लावा व अन्य पूजन सामग्रियों से पूजा कर नाग देवता की आराधना की। परंपरा के अनुसार कई स्थानों के अखाड़े पर आयोजित कुश्ती प्रतियोगिताओं में पहलवानों ने जोर आजमाइश की। इस दौरान कुश्ती- दंगल देखने के लिए भारी भीड़ एकत्र रही। कई स्थानों पर मेले का आयोजन भी किया गया था।
सुबह से ही श्रद्धालुओं के मंदिरों में जाने का क्रम आरंभ हो गया था। यहां लोगों ने शिवलिंग पर दूध-लावा अर्पित करने के साथ नाग देवता की भी पूजा की। वहीं घरों में भी लोगों ने नाग देवता के चित्र लगाकर पूजा- पाठ किया। दूध, लावा, मिठाई, फल- फूल आदि चढ़ाकर पूजन- अर्चन किया। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्पों के काटने का भय समाप्त होता है। इस दिन संपेरे भी पिटारों में नाग- नागिन के जोड़े लिए घूमते देखे गए। वे जगह- जगह लोगों को इनके दर्शन करवा रहे थे। बदले में लोग उन्हें पैसा व वस्त्र आदि दे रहे थे। वहीं पर्व के दिन जनपद के विभिन्न अखाड़ों पर विराट कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इनमें दूर- दूर से आए पहलवानों ने एक- दूसरे को दांव लगाकर चित्त करने का प्रयास किया। वहीं आयोजित किए गए मेलों में खूब भीड़- भाड़ रही।
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