डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल में मासिक मैथ्स ओलंपियाड सम्पन्न, अब हर माह होगी परीक्षा
डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल, बिशुनपुरा में विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, गणितीय समझ और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से मासिक मैथ्स ओलंपियाड परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की है कि अब प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस पर नियमित रूप से स्कूल ओलंपियाड आयोजित किया जाएगा। विद्यालय की स्थापना डॉ. विनय प्रकाश तिवारी द्वारा की गई है और यह बिशुनपुरा, चंदौली में संचाल
शहाबगंज, चंदौली

4:53 PM, Jul 31, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सबिशुनपुरा (चंदौली)। डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल, बिशुनपुरा में विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, गणितीय समझ और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से मासिक मैथ्स ओलंपियाड परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की है कि अब प्रत्येक माह के अंतिम कार्य दिवस पर नियमित रूप से स्कूल ओलंपियाड आयोजित किया जाएगा। विद्यालय की स्थापना डॉ. विनय प्रकाश तिवारी द्वारा की गई है और यह बिशुनपुरा, चंदौली में संचालित है।
परीक्षा में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। सामान्य कक्षा परीक्षाओं से अलग इस ओलंपियाड में विद्यार्थियों की लॉजिकल रीजनिंग, कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, स्पीड, एक्यूरेसी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी का मूल्यांकन किया गया, जिससे उनकी वास्तविक शैक्षणिक क्षमता का आकलन हो सके।
विद्यालय के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल बच्चों को परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का समाधान खोजने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि हर माह आयोजित होने वाला ओलंपियाड विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करेगा तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन करने में भी सहायक होगा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मासिक ओलंपियाड से विद्यार्थियों की तैयारी केवल वार्षिक परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। प्रत्येक माह उनकी प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा और जिन विषयों या अध्यायों में कमजोरी होगी, उन पर शिक्षकों द्वारा विशेष अभ्यास कराया जाएगा।
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अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति निरंतरता बनी रहेगी और उन्हें कम उम्र से ही प्रतियोगी परीक्षाओं जैसा वातावरण मिलेगा। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और तार्किक सोच को मजबूत करने वाला प्रभावी प्रयास बताया।
कक्षा अध्यापकों ने भी कहा कि ओलंपियाड के परिणाम विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी फीडबैक का कार्य करेंगे, जिससे यह पता चल सकेगा कि किन विषयों पर पूरी कक्षा को दोबारा पढ़ाने या किन विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।
