चंदौली में उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 दुकानें बंद मिलने पर नोटिस, 13 खाद के नमूने जांच को भेजे
निरीक्षण के दौरान मेसर्स गुप्ता फर्टिलाइजर, मेसर्स पंकज खाद भण्डार और मेसर्स शिव खाद भण्डार बंद पाए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तीनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा मेसर्स हरि ओम फर्टिलाइजर, मेसर्स सौम्या फर्टिलाइजर, मेसर्स न्यू जायसवाल खाद भण्डार और मेसर्स पटेल फर्टिलाइजर का भी गहन निरीक्षण किया गया।
चंदौली

8:20 PM, Jul 2, 2026
डीएम के निर्देश पर सघन छापेमारी, कालाबाजारी पर सख्ती; अधिकारियों ने कहा- जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
चंदौली में उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 दुकानें बंद मिलने पर नोटिस, 13 खाद के नमूने जांच को भेजे
चंदौली। किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर गुरुवार को जिले के विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों पर सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। उप कृषि निदेशक एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) की संयुक्त टीम ने कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जिससे खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स गुप्ता फर्टिलाइजर, मेसर्स पंकज खाद भण्डार और मेसर्स शिव खाद भण्डार बंद पाए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तीनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा मेसर्स हरि ओम फर्टिलाइजर, मेसर्स सौम्या फर्टिलाइजर, मेसर्स न्यू जायसवाल खाद भण्डार और मेसर्स पटेल फर्टिलाइजर का भी गहन निरीक्षण किया गया।
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खाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 13 उर्वरक नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। उप कृषि निदेशक द्वारा गोरारी स्थित आईएफएफडीसी कृषक सेवा केन्द्र और साई खाद भण्डार से यूरिया, डीएपी एवं अमोनियम सल्फेट के नमूने लिए गए। वहीं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक डॉ. पूजा त्रिपाठी ने शहाबगंज क्षेत्र के विभिन्न खाद भण्डारों से यूरिया, एसएसपी, डीएपी, एनपीके और कॉम्प्लेक्स उर्वरक के नमूने संग्रहित किए।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिले में किसी भी प्रकार की उर्वरक की कमी नहीं है। वर्तमान में जिले में 17,211 मीट्रिक टन यूरिया, 13,887 मीट्रिक टन एसएसपी, 5,100 मीट्रिक टन डीएपी, 4,569 मीट्रिक टन एनपीके तथा 434 मीट्रिक टन एमओपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
