जन्माष्टमी आज, सज गए कान्हा के दरबार
चंदौली। गिरधर गोपाल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी शुक्रवार को जनपद में आस्था और उल्लास के साथ धार्मिक आयोजन के साथ मनाया जा रहा है। पर्व को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्साह का माहौल है। मंदिरों, घरों और पूजा पंडालों में कान्हा के दरबार सजकर तैयार हो गए हैं। कहीं बाल गोपाल का झूला सजाया गया है तो कहीं आकर्षक झांकियां तैयार की गई हैं। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के
चंदौली

10:03 AM, Sep 4, 2026
थाना, कोतवाली, मंदिर, घरों में चल रही तैयारी
चंदौली। गिरधर गोपाल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी शुक्रवार को जनपद में आस्था और उल्लास के साथ धार्मिक आयोजन के साथ मनाया जा रहा है। पर्व को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्साह का माहौल है। मंदिरों, घरों और पूजा पंडालों में कान्हा के दरबार सजकर तैयार हो गए हैं। कहीं बाल गोपाल का झूला सजाया गया है तो कहीं आकर्षक झांकियां तैयार की गई हैं। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया। एक दिन पहले ही लोगों ने खरीदारी की । नगर सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में फूल,माला,तस्वीर,झूला,मूर्ति, जेल,कारागृह,खेल खिलौने आदि की दुकानें सजी हैं ।लोगों ने सजावट के लिए खरीदारी की।
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शुक्रवार की रात कान्हा की किलकारी गूंजेंगी। मंदिरों व थानों में साफ-सफाई के साथ सजावट का काम गुरुवार की देर शाम तक जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह चरम पर है। विभिन्न गांवों के मंदिरों व घरों में आकर्षक झांकियां सजाई जा रही हैं। जन्माष्टमी की रात भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम होेंगे।
जन्माष्टमी को लेकर पिछले कई दिनों से बाजारों में रौनक बनी हुई है। पूजा पंडालों और झांकियों को सजाने के लिए आयोजकों ने रंग-बिरंगी झालर, फूल-माला, पर्दे, कृत्रिम फूल, विद्युत झालर और अन्य सजावटी सामान की खरीदारी पूरी कर ली है। शहर के प्रमुख बाजारों में सजावटी सामग्री की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। बच्चों और युवाओं में भी झांकियों को लेकर खासा उत्साह नजर आया। बाजार में इस बार भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार से जुड़ी सामग्री की खूब बिक्री हुई। बाल गोपाल के लिए आकर्षक मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, पीले वस्त्र, हार, कंगन, पायल और अन्य श्रृंगार सामग्री की लोगों ने खरीदारी की। छोटे बच्चों को कृष्ण और राधा के रूप में सजाने के लिए भी अभिभावकों ने पोशाक और मुकुट खरीदे। दुकानदारों के मुताबिक पर्व नजदीक आने के साथ बिक्री में तेजी आई। जन्माष्टमी को लेकर विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण की तैयारी की गई है। कई स्थानों पर मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान के जन्म की प्रतीक्षा करेंगे। जन्म के बाद आरती और पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद वितरित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर झांकियां सजाई गई हैं। पर्व को देखते हुए बाजारों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां की गई हैं। देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
