इंडिगो एयरलाइन संकट: सातवें दिन भी यात्रियों की परेशानी जारी, उड़ानें रद्द–देरी से हवाई अड्डों पर हाहाकार
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत तमाम बड़े एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा एयरलाइन कर्मचारियों पर फूट रहा है। उड़ान रद्द होने के बाद न सिर्फ यात्रियों का सफर लटका हुआ है, बल्कि उनका सूटकेस और सामान भी लापता है। टर्मिनलों पर बैग के ढेर लगे हैं। कई यात्रियों के बैग में पासपोर्ट, घर की चाबियां और दवाइयां जैसी जरूरी चीजें थीं, जो अब उन्हें नहीं मिल पा रहीं।
नई दिल्ली

6:46 AM, Dec 9, 2025
इंडिगो एयरलाइन के लगातार बिगड़ते हालात यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पायलट और चालक दल की भारी कमी के कारण उड़ानों के रद्द और देरी से संचालन का संकट सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। हालात इतने गंभीर हैं कि एयरलाइन ने 562 उड़ानें रद्द कर दीं, जिसके बाद देशभर के हवाई अड्डों पर अफरातफरी का माहौल है।
हवाई अड्डों पर यात्रियों का गुस्सा फूटा
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत तमाम बड़े एयरपोर्ट पर यात्रियों का गुस्सा एयरलाइन कर्मचारियों पर फूट रहा है। उड़ान रद्द होने के बाद न सिर्फ यात्रियों का सफर लटका हुआ है, बल्कि उनका सूटकेस और सामान भी लापता है। टर्मिनलों पर बैग के ढेर लगे हैं। कई यात्रियों के बैग में पासपोर्ट, घर की चाबियां और दवाइयां जैसी जरूरी चीजें थीं, जो अब उन्हें नहीं मिल पा रहीं।
सरकारी निर्देशों के बाद भी इंतजार जारी
सरकार ने इंडिगो को यात्रियों का सामान जल्द लौटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। कानपुर के विकास बाजपेयी चार दिन से अपने बैग का इंतजार कर रहे हैं। वह अपनी मां के साथ पुणे शादी में शामिल होने गए थे। चेक-इन के समय जमा किया गया बैग अभी तक नहीं मिला। बाजपेयी जैसे हजारों यात्री सामान के लिए भटक रहे हैं।
सरकार का अपडेट: 4500 बैग लौटाए, 827 करोड़ रिफंड
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार—
रद्द उड़ानों में सबसे ज़्यादा 134 उड़ानें दिल्ली से थीं।
एयरलाइन ने अब तक 9,000 में से 4,500 बैग यात्रियों को सौंपे हैं।
21 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच 9,55,591 टिकट रद्द हुए।
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यात्रियों को 827 करोड़ रुपये रिफंड किया गया है।
संकट की जिम्मेदार इंडिगो—नायडू
राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे संकट की जिम्मेदार इंडिगो एयरलाइन है। उन्होंने बताया कि:
इंडिगो चालक दल और ड्यूटी रोस्टर प्रबंधन में विफल रही है।
सरकार इस मामले में ऐसी कार्रवाई करेगी जो नजीर बनेगी, ताकि भविष्य में अन्य ऑपरेटर लापरवाही न करें।
सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
एयरलाइंस को उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना ही होगा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 1 दिसंबर को जब इंडिगो अधिकारियों के साथ EFDTL पर बैठक हुई, तब कंपनी ने इस मुद्दे का कोई ज़िक्र नहीं किया था।
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इंडिगो के इस संकट ने भारत के घरेलू विमानन बाजार, जिसमें एयरलाइन की हिस्सेदारी 65% है, को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है। लाखों यात्री रद्द उड़ानों, देरी और गुमशुदा सामान के कारण परेशान हैं।
