चावल उत्पादन में भारत ने चीन को पछाड़ा, दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बना देश: शिवराज सिंह चौहान
भारत ने चावल उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पड़ोसी देश चीन को पीछे छोड़ दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश का चावल उत्पादन बढ़कर 15.18 करोड़ टन पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 14.5 करोड़ टन है। उन्होंने इसे भारत के कृषि क्षेत्र की अभूतपूर्व सफलता बताया।
नई दिल्ली

6:30 AM, Jan 6, 2026
नई दिल्ली। भारत ने चावल उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पड़ोसी देश चीन को पीछे छोड़ दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश का चावल उत्पादन बढ़कर 15.18 करोड़ टन पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 14.5 करोड़ टन है। उन्होंने इसे भारत के कृषि क्षेत्र की अभूतपूर्व सफलता बताया।
कृषि मंत्री ने कहा कि देश में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे भारत की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब भोजन की कमी वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैश्विक खाद्य प्रदाता बन चुका है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चावल की आपूर्ति कर रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर खाद्य कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है।
25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्में जारी
एक कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि ये नई किस्में किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी, क्योंकि इससे उच्च पैदावार और बेहतर गुणवत्ता की उपज प्राप्त होगी। इसके परिणामस्वरूप किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कृषि क्रांति के नए युग में प्रवेश
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कृषि मंत्री ने कहा कि अधिक उपज देने वाले और जलवायु के अनुकूल बीजों के विकास में देश ने बड़ी सफलता हासिल की है। इन्हीं प्रयासों के बल पर भारत कृषि क्रांति के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ये उन्नत किस्में तेजी से किसानों तक पहुंचाई जाएं, ताकि उनका लाभ जमीनी स्तर पर मिल सके।
मोदी सरकार में 3,236 फसल किस्मों को मंजूरी
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अब तक 3,236 उच्च उपज वाली फसल किस्मों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके मुकाबले वर्ष 1969 से 2014 के बीच केवल 3,969 किस्मों को अधिसूचित किया गया था।
