बड़ौरा में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
शहाबगंज, चंदौली। विकासखंड शहाबगंज के बड़ौरा गांव में विभिन्न जनसमस्याओं और मांगों को लेकर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को ऊषा देवी के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। धरने में 50 से अधिक महिला-पुरुष और बच्चे शामिल हुए। ग्रामीणों ने गांव की बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, स्वच्छता और जनहित से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
shahabganj, chandauli

6:05 PM, Oct 21, 2026
Vinod Kumar
जनपद न्यूज़ टाइम्स
ऊषा देवी के नेतृत्व में बड़ौरा में अनिश्चितकालीन धरना शुरू, 50 से अधिक ग्रामीण हुए शामिल
शराब की दुकान बंद कराने से लेकर सड़क, नाली, आवास और बकाया मानदेय भुगतान की उठी मांग
शहाबगंज, चंदौली। विकासखंड शहाबगंज के बड़ौरा गांव में विभिन्न जनसमस्याओं और मांगों को लेकर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को ऊषा देवी के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। धरने में 50 से अधिक महिला-पुरुष और बच्चे शामिल हुए। ग्रामीणों ने गांव की बुनियादी सुविधाओं, रोजगार, स्वच्छता और जनहित से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
धरने में ऊषा देवी, सीता, शारदा, गीता, नितेश कुमार, दशरथ और प्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
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ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में गांव में शराब की दुकान बंद कराना, गलियों और नालियों का निर्माण, चकरोड की व्यवस्था तथा इलिया-लेवा मार्ग पर अवरुद्ध पुलिया का पुनर्निर्माण शामिल है। इसके अलावा सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराकर वहां डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क एवं पुस्तकालय बनवाने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों ने पात्र गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग पर भी जोर दिया।
धरने में आंगनबाड़ी से संबंधित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के चार वर्षों से बकाया मानदेय का भुगतान कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालय की देखरेख करने वाली महिलाओं के बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
धरना दे रहे ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव की समस्याओं का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान कराने की अपील की। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
