राशन कोटेदारों के लाभांश में बढ़ोतरी, नई फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) के लाभांश में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कोटेदारों का लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की घोषणा की गई।
चंदौली

1:16 PM, Aug 17, 2026
चंदौली। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) के लाभांश में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कोटेदारों का लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की घोषणा की गई।
इसी क्रम में सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्वायल पैलेस में जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह की प्रतिनिधि के रूप में किरण सिंह, ब्लॉक प्रमुख, सैयदराजा नगर पंचायत चेयरमैन सहित बड़ी संख्या में कोटेदार और क्षेत्रीय लोग शामिल हुए।
लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण ग्वायल पैलेस में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम को कोटेदारों ने देखा और सरकार के निर्णय पर प्रसन्नता जताई।
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लाभांश में 35 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि से जिले के राशन विक्रेताओं को आर्थिक लाभ मिलेगा। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि ई-पॉश मशीनों के प्रयोग से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है। पात्र लाभार्थियों तक समय से और निष्पक्ष तरीके से खाद्यान्न पहुंचाने में कोटेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत ई-पॉश आधारित ‘उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली’ का भी शुभारंभ किया गया। नई व्यवस्था से राशन वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासन तथा उचित दर विक्रेताओं के बीच समन्वय को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मौजूद कोटेदारों ने लाभांश बढ़ाए जाने पर खुशी जताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस फैसले से कोटेदारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही पात्र परिवारों तक खाद्यान्न की सुगम और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
