उन्नत फलदार पौधों से संवरेगी किसानों की तकदीर, 80 से अधिक किसानों को वितरित हुए पौधे
चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली में शनिवार को अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए उपोष्ण बागवानी की उन्नत फल फसलों का प्रक्षेत्र प्रदर्शन एवं पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ की अखिल भारतीय शुष्क क्षेत्रीय फल समन्वित अनुसंधान परियोजना की अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत किया गया।
चंदौली

6:41 PM, Aug 8, 2026
चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र, चंदौली में शनिवार को अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए उपोष्ण बागवानी की उन्नत फल फसलों का प्रक्षेत्र प्रदर्शन एवं पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ की अखिल भारतीय शुष्क क्षेत्रीय फल समन्वित अनुसंधान परियोजना की अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत किया गया।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति वर्ग के 80 से अधिक किसानों को आम, आंवला, नींबू, बेल एवं अमरूद की उन्नत किस्मों के पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार सिंह रहे। कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार सिंह ने किसानों को फलदार पौधों की वैज्ञानिक खेती, उचित रोपण विधि, पोषण प्रबंधन तथा रोग एवं कीट नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान फल फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। साथ ही बागवानी के माध्यम से फसलों में विविधता लाकर किसानों की आय बढ़ाने की बेहतर संभावनाएं हैं।
उन्होंने अनुसूचित जाति उपयोजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि एवं बागवानी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बताई गई।
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इस अवसर पर उद्यान वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. अभय दीप गौतम, डॉ. रितेश गंगवार, डॉ. प्रतीक सिंह, डॉ. चंदन सिंह एवं डॉ. जयप्रकाश सहित अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे। केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के वरिष्ठ शोध सहायक डॉ. कुलदीप, नरेंद्र मिश्र तथा आईएफएस, उपकार परियोजना के वाईपी सर्वेश कुमार एवं उज्जवल ने भी किसानों से संवाद कर फलदार पौधों की गुणवत्ता, उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन परियोजना संचालक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान कई किसानों ने बटन मशरूम की खेती के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
कार्यक्रम में बिछिया कला, धानापुर, अंबेडकर गांव, हिनौता, भतीजा, बरौनी, बरहनी तथा बर्थरा कला सहित विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। विशेष रूप से महिला किसानों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीक अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
