विश्व मानव व्यापार विरोध दिवस पर कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं को किया गया जागरूक
विश्व मानव व्यापार विरोध दिवस के अवसर पर मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा संचालित कवच परियोजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग के सहयोग से बयापुर में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानव तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था।
शहाबगंज, चंदौली

7:28 PM, Jul 29, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्स
मानव तस्करी, साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
शहाबगंज। विश्व मानव व्यापार विरोध दिवस के अवसर पर मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा संचालित कवच परियोजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग के सहयोग से बयापुर में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानव तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम में वर्ष 2026 की वैश्विक थीम "Trapped Behind the Scam" पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान बताया गया कि वर्तमान समय में मानव तस्कर सोशल मीडिया, फर्जी नौकरी, शिक्षा, विवाह, मॉडलिंग और विदेश भेजने जैसे आकर्षक प्रलोभनों के माध्यम से बच्चों और किशोरियों को अपने जाल में फँसाने का प्रयास करते हैं।
कार्यक्रम में एसएसआई प्रभुनाथ यादव ने छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने, अजनबियों पर विश्वास न करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों, पुलिस, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने के लिए प्रेरित किया।
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महिला कांस्टेबल अपूर्वा श्रीवास्तव ने मानव तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, बाल सुरक्षा तथा विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी देते हुए छात्राओं से किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या सोशल मीडिया पर मिलने वाले झूठे प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की।
जागरूकता सत्र के दौरान छात्राओं को "बढ़ते बच्चे" फिल्म का प्रदर्शन भी कराया गया। फिल्म के माध्यम से सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, बाल विवाह, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम-2012, बच्चों के अधिकार तथा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों की पहचान और उनसे बचाव के उपाय सरल भाषा में समझाए गए। फिल्म प्रदर्शन के बाद आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बाल सुरक्षा और शोषण की रोकथाम में अपनी भूमिका को समझा।
