इतिहास में बदल रहा जीटी रोड का भूगोल
इस समय पड़ाव से लेकर गोधना तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है।नगर में यह कार्य पड़ाव की ओर बढ़ रहा है।सड़क चौड़ीकरण के लिए जी टी रोड के दोनों किनारे की मकान और दुकान अतिक्रमण की जद में हैं जिन्हें तोड़ा जा रहे।बुलडोजर और हथौड़ों तथा ग्राइंडर मशीन की असहनीय पीड़ा के साथ दरकती दीवारें इस बात की गवाही दे रहीं है।
डीडीयू नगर, चंदौली

4:45 PM, May 19, 2026
मनोहर कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्ससड़क चौड़ीकरण की जद में प्रमुख और प्रसिद्ध पहचान
मनोहर कुमार
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डीडीयू नगर। जनपद की एक मात्र सबसे बड़ा मिनी शहर डीडीयू नगर का जीटी रोड अब बदलाव की ओर है।सड़क चौड़ीकरण के साथ ही इसका भूगोल इतिहास में तब्दील होता दिख रहा है।अब वह नजारे नहीं दिखाई पड़ेंगे।जिसके लिए यह प्रसिद्ध है। जीटी रोड के किनारे कुछ ऐसी पहचान थी।जिसके प्रसिद्धि दूर दूर तक रही।जिस तरह मुगलसराय का नाम आज भी प्रसिद्ध लेकिन यह इतिहास में दर्ज है।विभिन्न नामों से जाना जाता था जैसे मुगलचक, मंगलपुर और ओवन नगर के बाद मुगलसराय अब पी डीडीयू नगर है।
इस समय पड़ाव से लेकर गोधना तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है।नगर में यह कार्य पड़ाव की ओर बढ़ रहा है।सड़क चौड़ीकरण के लिए जी टी रोड के दोनों किनारे की मकान और दुकान अतिक्रमण की जद में हैं जिन्हें तोड़ा जा रहे।बुलडोजर और हथौड़ों तथा ग्राइंडर मशीन की असहनीय पीड़ा के साथ दरकती दीवारें इस बात की गवाही दे रहीं है।अब तुम्हारी पहचान यही तक थी।गम और गुस्से के सैलाब के बीच अतिक्रमण की जद में आए लोग अपनी दुकान और मकान खुद तोड़ने को विवश रहे। मुगलसराय से गुजरा जीटी रोड इतिहास के पन्नों में शिफ्ट हो गया है।अब इसके किनारे की प्रसिद्धि और पहचान भी समाप्ति की ओर है। सपा कार्यालय से लेकर सुभाष पार्क तक कोतवाली से लेकर जीटी आर ब्रिज तक कुछ ऐसे पहचान थे जो अब जमींदोज हो रहे हैं।लोग केवल आंखों से निहार रहे हैं। समाजवादी पार्टी का दफ्तर, नीलगिरी मिष्ठान्न,अजय टी स्टाल,गुप्ता बुक दीपों,पंजाब होटल ,फोर यू, बाटा, वीआईपी,आदि दक्षिणी पटरी की पहचान थी। जहां लोग मिलते जुलते थे। वहीं परमार कटरा के बाद से भी लोग कुछ पहचान सिमट गया है।मसलन बबलू पेंट,लक्ष्मी मिष्ठान भंडार, काली माता मंदिर,पापुलर मेडिकल, केदार वैद्य, के अलावा परंपरा और रासकुंज पुराना स्टेट बैंक मोदी महंगी आदि प्रसिद्ध स्थान जो अब गुमनाम हो रहे है। यह शहर इतिहास के पन्नों में हमेशा बदलता रहा है। विदेशी हुकूमत से लेकर वर्तमान दौर तक । इतिहास के पन्नों को खंगाले तो मुगलसराय ग्रैंड ट्रंक रोड ( एनएच 19 ) पर स्थित है , जिसे शेर शाह सूरी द्वारा सड़क-ए-आजम भी कहा जाता था । जो मुगल काल के दौरान उत्तर भारत को पूर्व से जोड़ने वाले गलियारों में से एक था । पिछली शताब्दियों में, इसे विभिन्न नामों से जाना जाता था जैसे मुगलचक, मंगलपुर और ओवन नगर। इस कस्बे का नाम मुगलसराय तब पड़ा जब भारतीय रेलवे ने 1883 में यहां एक जंक्शन स्थापित किया। अगस्त 2018 में, भारतीय जनसंघ के नेता और राजनेता दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शहर का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर कर दिया गया । जिस तरह से सड़क चौड़ीकरण की जद में जीटी रोड की दोनों ओर की पटरियों की दुकान और मकान अतिक्रमण की जद में आ गए हैं। अब इसका भूगोल इतिहास के पन्नों में खंगाला जाएगा।
