बाढ़ और बारिश ने धान के कटोरे को किया बेहाल।
चंदौली । धान के कटोरे के रूप में विख्यात चंदौली में भारी बारिश और बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। धान की फसलें के साथ अन्य फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई । बाढ़ का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी खुद मौके पर पहुंच रहे हैं।मातहतों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।कल से बारिश रुकने से कुछ राहत मिली है।लेकिन किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जनपद में किसानों ने कड़ी मेहनत कर धान की रोपाई की है।पिछले महीनो
चंदौली

10:07 AM, Sep 4, 2026
चंदौली । धान के कटोरे के रूप में विख्यात चंदौली में भारी बारिश और बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। धान की फसलें के साथ अन्य फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई । बाढ़ का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी खुद मौके पर पहुंच रहे हैं।मातहतों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।कल से बारिश रुकने से कुछ राहत मिली है।लेकिन किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जनपद में किसानों ने कड़ी मेहनत कर धान की रोपाई की है।पिछले महीनों में बारिश न होने से किसी तरह बीज बोये उसके बाद रोपाई की।
चंदौली नदियों और बांधों और कैलानों से जुड़ा हुआ है। भारी बारिश से लबालब हुए तीन बड़े डैम, लतीफ शाह और चंद्रप्रभा बांध से छोड़ा जा रहा पानी, बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।कई क्षेत्रों में पानी का स्तर भी बढ़ गया है।प्रशासन लगातार एलर्ट मोड़ में है।
पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण चन्दौली जिले में चंद्रप्रभा, मूसाखांड और लतीफ शाह डैम क्षमता से अधिक भर गए हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए पानी को रेगुलेटेड तरीके से डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका है। लतीफ शाह डैम से करीब 7 से 8 फीट पानी नीचे गिर रहा है, जिसे देखने और सेल्फी लेने के लिए स्थानीय लोग जुट रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।
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लतीफ शाह और चंद्रप्रभा डैम में क्षमता से अधिक पानी भरने के कारण छोटी-छोटी नदियों के माध्यम से पानी निचले इलाकों की ओर बह रहा है. इससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ जैसी स्थिति और समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बन गया है.
चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग खुद पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. आपदा प्रबंधन की टीमों को एक्टिवेट कर दिया गया है।जान्हवी भी उफान पर है ।गंगा में लगातार पानी बढ़ रहा है।तटवर्ती इलाकों में परेशानी बढ़ रही है।
