वनभीषमपुर बंधी के मछली पट्टाधारक, माफियाओं से परेशान, जान-माल की सुरक्षा की लगाई गुहार
शहाबगंज (चंदौली)। चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत वनभीषमपुर बंधी के मछली पट्टाधारक इन दिनों मछली माफियाओं की दबंगई से खासे परेशान हैं। बंधी की निगरानी के लिए नियुक्त व्यक्ति घुरफेकन को आए दिन दबंग किस्म के लोग धमकियां दे रहे हैं और रात के अंधेरे में अवैध रूप से जाल डालकर मछली पकड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
शहाबगंज, चंदौली

12:32 PM, Feb 9, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्स
शहाबगंज (चंदौली)। चकिया कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत वनभीषमपुर बंधी के मछली पट्टाधारक इन दिनों मछली माफियाओं की दबंगई से खासे परेशान हैं। बंधी की निगरानी के लिए नियुक्त व्यक्ति घुरफेकन को आए दिन दबंग किस्म के लोग धमकियां दे रहे हैं और रात के अंधेरे में अवैध रूप से जाल डालकर मछली पकड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है।
मछली माफियाओं की दबंगई का आलम यह है कि पूर्व के वर्षों में भी वन विभाग को बंधी का पट्टा देने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था और हर वर्ष नीलामी प्रक्रिया बार-बार विफल होती रही। बताया जा रहा है कि इस बार वन विभाग द्वारा कराई गई नीलामी में बरांव गांव निवासी रामलाल पासवान ने एक वर्ष के लिए वनभीषमपुर बंधी का मछली पट्टा प्राप्त किया है।
पट्टा मिलने के बाद से ही मछली माफिया सक्रिय हो गए हैं और अवैध रूप से मछली मारने के साथ-साथ पट्टाधारक एवं उसके कर्मचारियों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। बंधी की सुरक्षा व निगरानी में लगाए गए व्यक्ति घुरफेकन को लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार बंधी के भीटे पर कुछ दबंग तत्व पिछले लगभग 40 वर्षों से अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं। कानून और प्रशासन इनके लिए बेअसर साबित हो रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद इनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे इनके हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं और मछली माफिया बेखौफ होकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
पीड़ित पट्टाधारक रामलाल पासवान ने पूरे मामले की जानकारी वन विभाग को देने के साथ-साथ चकिया कोतवाली में लिखित प्रार्थना पत्र देकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते मछली माफियाओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।
रामलाल का कहना है कि वैध रूप से पट्टा लेने के बावजूद उन्हें अपने अधिकारों के प्रयोग से रोका जा रहा है और लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में कोई भी बंधी का पट्टा लेने में रुचि नहीं लेगा, जिसका सीधा असर सरकारी राजस्व पर पड़ेगा।
