फरियाद लगाते-लगाते थका किसान, सात साल से जलजमाव की समस्या का नहीं हुआ निदान
शहाबगंज। लेवा-इलिया मार्ग के चौड़ीकरण के बाद बड़ौरा गांव में नाली अवरुद्ध होने से जलनिकासी की समस्या गंभीर हो गई है। खेतों में पानी की निकासी नहीं होने के कारण हर वर्ष किसानों की धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो जाती है। स्थिति यह है कि कई खेतों में धान की जगह अब जलकुंभी उग आई है। समस्या के समाधान के लिए किसान पिछले सात वर्षों से ब्लॉक से लेकर एसडीएम कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्ह
शहाबगंज, चंदौली

5:27 PM, Sep 13, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज। लेवा-इलिया मार्ग के चौड़ीकरण के बाद बड़ौरा गांव में नाली अवरुद्ध होने से जलनिकासी की समस्या गंभीर हो गई है। खेतों में पानी की निकासी नहीं होने के कारण हर वर्ष किसानों की धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो जाती है। स्थिति यह है कि कई खेतों में धान की जगह अब जलकुंभी उग आई है। समस्या के समाधान के लिए किसान पिछले सात वर्षों से ब्लॉक से लेकर एसडीएम कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है।
किसानों का कहना है कि लेवा-इलिया मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान गांव के पास बनी जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई। नाली अवरुद्ध होने के कारण बारिश का पानी खेतों में जमा हो जाता है। जलनिकासी नहीं होने से लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहता है, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया है। हर वर्ष किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Advertisement
किसान उमेश गुप्ता, विकास गुप्ता, जितेन्द्र और सचिन ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई। ब्लॉक मुख्यालय से लेकर उपजिलाधिकारी तक फरियाद लगाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका। किसानों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है।
इसी क्रम में ग्रामीणों का एक समूह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली से मिला और समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा खेतों से पानी निकालने की मांग की। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
