रेलवे भूमि पर चकबंदी प्रक्रिया का किसानों ने किया विरोध, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस संबंध में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
चंदौली

9:12 AM, Jun 4, 2026
धीना (चंदौली)। नरवन क्षेत्र में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि चकबंदी विभाग रेलवे की भूमि में खंभे गाड़कर चक निर्धारण कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़े भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस संबंध में किसान नेता रतन सिंह के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
किसानों का कहना है कि पंडित दीनदयाल नगर- पटना तथा पंडित दीनदयाल नगर- गया रेलखंड के किनारे स्थित गांवों में चकबंदी विभाग द्वारा रेलवे की भूमि को शामिल करते हुए गलत तरीके से चक काटे जा रहे हैं। उनका आरोप है कि रेलवे की वास्तविक भूमि 240 से 250 कड़ी तक है, जबकि चकबंदी विभाग 140 कड़ी को 150 कड़ी दर्शाकर किसानों की भूमि का चक निर्धारण कर रहा है।
किसानों ने बताया कि रेलवे विभाग अपनी भूमि का सीमांकन कर उत्तर एवं दक्षिण दिशा में पत्थर गाड़कर कब्जा दर्ज करा रहा है। विरोध के दौरान दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ अभियंता ने नक्शा दिखाते हुए बताया कि 150 कड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक एवं पटरी स्थित है, जबकि ट्रैक के उत्तर में 60 कड़ी और दक्षिण में 40 कड़ी भूमि रेलवे की है।
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किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग ने रेलवे प्रशासन से अनुमति अथवा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना ही रेलवे भूमि को चकबंदी में शामिल कर लिया है, जो पूरी तरह अनुचित एवं नियम विरुद्ध है। उनका कहना है कि इससे जिले में लगभग 1500 से 2000 एकड़ भूमि पर रेलवे द्वारा अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की है कि चकबंदी विभाग, रेलवे विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए तथा विवादित चकबंदी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
किसान नेता रतन सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
