भोड़सर गांव में किसानों का जमावड़ा, राकेश टिकैत की गिरफ्तारी को बताया लोकतंत्र का हनन
शहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र के भोड़सर गांव में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन समर्थित किसानों का जमावड़ा जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान के आवास पर हुआ। बैठक में आसपास के कई गांवों से आए किसानों ने भाग लिया और वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा की। इस दौरान किसानों ने एकजुटता पर जोर देते हुए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
शहाबगंज, चंदौली

6:03 PM, Apr 1, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सशहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र के भोड़सर गांव में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन समर्थित किसानों का जमावड़ा जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान के आवास पर हुआ। बैठक में आसपास के कई गांवों से आए किसानों ने भाग लिया और वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा की। इस दौरान किसानों ने एकजुटता पर जोर देते हुए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने उड़ीसा में किसान नेता राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र का सीधा हनन बताया। उनका कहना था कि जिस तरह से एक बड़े किसान नेता को गिरफ्तार किया गया, वह दर्शाता है कि सरकार किसानों की आवाज से डर रही है।
उन्होंने कहा कि देश का किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। राकेश टिकैत की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे किसान आंदोलन को दबाने का प्रयास है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सतीश सिंह चौहान ने किसानों से अधिक संगठित होने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि समय रहते किसान एकजुट नहीं हुए तो आने वाले समय में उनकी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने सभी किसानों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की।
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बैठक में आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई। किसानों ने निर्णय लिया कि यदि सरकार द्वारा इस तरह की कार्रवाई जारी रहती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई गई।
इस दौरान अन्य किसानों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव-गांव में किसान संगठन को मजबूत करना समय की जरूरत है, ताकि किसी भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई जा सके। किसानों ने यह भी कहा कि वे हर परिस्थिति में अपने नेताओं के साथ खड़े रहेंगे।
