केराडीह माइनर की पक्की लाइनिंग के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन
शहाबगंज, चंदौली। केराडीह माइनर की दक्षिणी पटरी बार-बार टूटने से परेशान किसानों ने पक्की लाइनिंग कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं और किसानों ने सिंचाई विभाग से माइनर की दक्षिणी पटरी पर करीब सौ मीटर तक पक्की लाइनिंग कराने की मांग उठाई।
शहाबगंज, चन्दौली

3:56 PM, Nov 5, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सबार-बार टूटती है नहर की पटरी, ठेकहा, बड़गवां और इसरौलिया के किसानों को नहीं मिल पा रहा सिंचाई का पानी
शहाबगंज, चंदौली। केराडीह माइनर की दक्षिणी पटरी बार-बार टूटने से परेशान किसानों ने पक्की लाइनिंग कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं और किसानों ने सिंचाई विभाग से माइनर की दक्षिणी पटरी पर करीब सौ मीटर तक पक्की लाइनिंग कराने की मांग उठाई।
किसानों ने बताया कि लेफ्ट कर्मनाशा नहर का पानी पहले जमानियां तक जाता था। इसी नहर के पचवनियां हेड से केराडीह माइनर निकली है। माइनर के हेड से करीब चार-पांच सौ मीटर पूरब स्थित पटरी धान और गेहूं की सिंचाई के समय बार-बार टूट जाती है। इससे नहर का पानी आगे नहीं पहुंच पाता और किसानों को सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ता है।
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किसान विकास मंच के कार्यकर्ता महबूब आलम और मान सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से माइनर की मिट्टी से मरम्मत कराई जाती है, लेकिन पानी के दबाव में पटरी फिर टूट जाती है। किसान भी सिंचाई के सीजन में बोरियों में मिट्टी भरकर कई बार बांध बनाते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि माइनर के हेड से महज डेढ़ किलोमीटर तक ही पानी पहुंच पाता है। इसके चलते ठेकहा, बड़गवां और इसरौलिया गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है।
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता जयप्रकाश और अवर अभियंता से माइनर की दक्षिणी पटरी पर करीब सौ मीटर तक पक्की लाइनिंग कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि पक्की लाइनिंग होने से पटरी टूटने की समस्या से निजात मिलेगी और खेतों तक पानी पहुंच सकेगा।
प्रदर्शन में सोहराब खान, महबूब आलम, मान सिंह, सुरेश मौर्य, राम अवध सिंह, रामनरेश, इस्ताख शेख, वालिद साहब, सरोज अहमद, कमलेश गुप्ता, मंगरु राम, रामजी, चित्तू राम, बेचू, आजाद, बंधू सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
