इलिया समिति पर खाद के लिए किसानों की भीड़, पर्याप्त खाद नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
इलिया। धान की फसल के महत्वपूर्ण दौर में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही इलिया सहकारी समिति पर किसानों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को खाद लेने के लिए समिति परिसर में किसानों की भारी भीड़ जुटी रही। किसान घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से उनमें नाराजगी दिखाई दी।
इलिया, चंदौली

4:10 PM, Aug 18, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्सइलिया। धान की फसल के महत्वपूर्ण दौर में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही इलिया सहकारी समिति पर किसानों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को खाद लेने के लिए समिति परिसर में किसानों की भारी भीड़ जुटी रही। किसान घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से उनमें नाराजगी दिखाई दी।
किसानों का कहना है कि समिति पर जरूरत के मुताबिक खाद की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे किसानों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर समिति को कम मात्रा में खाद क्यों उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों ने खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
किसान हिफ़ज़ूर रहमान ख़ान ने बताया कि उनके पास 10.5 हेक्टेयर खेत है, लेकिन अभी तक उन्हें एक भी बोरा खाद नहीं मिल सका है। मंगलवार को समिति पर पहुंचने पर उन्हें मात्र पांच बोरी खाद देने की बात कही गई। उन्होंने सवाल उठाया कि 10.5 हेक्टेयर खेत के लिए पांच बोरी खाद से जरूरत कैसे पूरी होगी।
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किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में खाद की कमी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है। लगातार शिकायतों और समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने से किसानों में रोष है।
वहीं, खाद के आवंटन और वितरण में अनियमितता की आशंका को लेकर भी किसानों के बीच चर्चा है। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। किसानों ने कृषि विभाग और प्रशासन से समिति के स्टॉक रजिस्टर, प्राप्त खाद की मात्रा, वितरण रजिस्टर और उपलब्ध स्टॉक की जांच कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि समिति को कितनी खाद मिली, कितनी वितरित हुई और वर्तमान में कितना स्टॉक बचा है। किसानों ने पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के साथ ही पूरी वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनाने की मांग की है।
