फसल मुआवजा, आवास और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन
शहाबगंज (चंदौली)। उत्तर प्रदेश किसान सभा के राज्यव्यापी आह्वान पर मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर शहाबगंज कस्बे में जुलूस निकाला। किसान सभा के झंडे और बैनर के साथ निकला जुलूस बाजार से होते हुए विकासखंड कार्यालय पहुंचा। यहां किसानों ने सभा कर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
शहाबगंज, चंदौली

शहाबगंज ब्लॉक परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान सभा के पदाधिकारी और किसान।
5:33 PM, Sep 15, 2026
विनोद कुमार
जनपद न्यूज़ टाइम्ससैकड़ों किसानों ने जुलूस निकालकर बुलंद की आवाज, मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ को सौंपा मांगपत्र
शहाबगंज (चंदौली)। उत्तर प्रदेश किसान सभा के राज्यव्यापी आह्वान पर मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर शहाबगंज कस्बे में जुलूस निकाला। किसान सभा के झंडे और बैनर के साथ निकला जुलूस बाजार से होते हुए विकासखंड कार्यालय पहुंचा। यहां किसानों ने सभा कर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट तथा मंडल मंत्री नंदलाल और स्वामीनाथ के नेतृत्व में निकाले गए जुलूस में किसानों ने अतिवृष्टि और बाढ़ से गिरे कच्चे मकानों के पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की मांग की। जलजमाव से बर्बाद फसलों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने के साथ बटाईदार किसानों को भी फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग उठाई गई।
किसान नेताओं ने कहा कि बीपीएल सूची में नाम नहीं होने के बावजूद वास्तविक रूप से गरीब परिवारों को पक्का आवास दिया जाए। महंगाई पर रोक लगाने के साथ रसोई गैस, खाद्य तेल, चीनी, डीजल और पेट्रोल के दाम कम किए जाएं। सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज और कृषि दवाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
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वक्ताओं ने महीनों से रुकी वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन का भुगतान तत्काल खातों में कराने की मांग की। शहाबगंज क्षेत्र के भूसी, भोड़सर, केरायगांव, जेगुरी, खखड़ा, रोहाखी, बरियारपुर लेहरा और हड़ौरा आदि गांवों की जर्जर सड़कों का निर्माण कराने की भी मांग की गई।
इसके अलावा कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, बिजली के निजीकरण को रोकने, वास्तविक आर्थिक स्थिति के आधार पर आय प्रमाणपत्र जारी करने तथा बारिश और बाढ़ के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग उठाई गई। किसानों ने अपनी उपज के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
वक्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। साथ ही दो अक्तूबर को चकिया गांधी पार्क में किसान सभा की ओर से आयोजित आंदोलन में अधिक से अधिक किसानों से भाग लेने की अपील की गई। प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक मुख्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
सभा को जिला अध्यक्ष परमानंद, शंभूनाथ, महिला नेता लालमणि देवी, जयप्रकाश, बदरूद्वजा अंसारी, बड़ेलाल, छोटेलाल, जयनाथ, रामधर और रिंकू भारती आदि ने संबोधित किया।
