स्मार्ट मीटर बदलने पर फिलहाल रोक, तकनीकी समिति की रिपोर्ट तक इंतजार
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह रोक तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक लागू रहेगी। हालांकि नए बिजली कनेक्शन पहले की तरह स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।
लखनऊ

7:37 AM, Apr 19, 2026
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह रोक तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक लागू रहेगी। हालांकि नए बिजली कनेक्शन पहले की तरह स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को तेजी से स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। अब तक प्रदेश में कुल 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर शामिल हैं।
इधर कई जगहों पर उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि मीटर बदलते समय उनकी अनुमति नहीं ली गई और बिजली कर्मियों ने मनमाने तरीके से प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिए। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के कई जिलों में विरोध और आंदोलन भी शुरू हो गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी समीक्षा की थी। उनके निर्देश पर 12 अप्रैल को एक तकनीकी समिति का गठन किया गया, जो स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
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इसी बीच शनिवार रात पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने स्मार्ट मीटर बदलने का कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए। उन्होंने सभी बिजली निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया है कि तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक किसी भी उपभोक्ता का मीटर न बदला जाए।
नए कनेक्शन मिलेंगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर से
डॉ. आशीष गोयल ने स्पष्ट किया कि नए बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया जारी रहेगी और सभी नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से ही दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता का नया कनेक्शन इस वजह से नहीं रोका जाएगा।
