माघ पूर्णिमा स्नान को लेकर काशी में उमड़ी भीड़, कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का भारी दबाव
माघ मेले के दौरान इस वर्ष 3 जनवरी से 15 फरवरी तक कुल छह प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। इनमें 3 जनवरी, 14 जनवरी, 18 जनवरी, 23 जनवरी, 1 फरवरी और 15 फरवरी शामिल हैं। इन स्नान पर्वों पर गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर सहित पूर्वांचल के कई जिलों से श्रद्धालु प्रयागराज के साथ-साथ काशी भी पहुंच रहे हैं।
वाराणसी

7:25 AM, Jan 3, 2026
वाराणसी।।माघ मेले के तहत शनिवार को पड़ने वाली पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया के साथ-साथ स्टेशन परिसर में बने होल्डिंग एरिया तक यात्रियों से खचाखच भरे रहे।
माघ मेले के दौरान इस वर्ष 3 जनवरी से 15 फरवरी तक कुल छह प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। इनमें 3 जनवरी, 14 जनवरी, 18 जनवरी, 23 जनवरी, 1 फरवरी और 15 फरवरी शामिल हैं। इन स्नान पर्वों पर गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर सहित पूर्वांचल के कई जिलों से श्रद्धालु प्रयागराज के साथ-साथ काशी भी पहुंच रहे हैं।
स्पेशल ट्रेनों से मिली राहत
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने वाराणसी से प्रयागराज के बीच पांच से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। ये ट्रेनें वाराणसी सिटी, बनारस और वाराणसी जंक्शन (कैंट) से होकर प्रयागराज जाएंगी। इनमें सर्वाधिक दबाव वाराणसी कैंट स्टेशन पर देखा जा रहा है।
डेढ़ लाख यात्रियों के प्रतिदिन पहुंचने का अनुमान
शुक्रवार देर रात तक गोरखपुर, मऊ, भटनी, जौनपुर और चंदौली से आने वाली ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ रही। कोई श्रद्धालु अकेले तो कोई परिवार के साथ काशी पहुंचा। प्रशासन के अनुसार मेला अवधि में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों के कैंट स्टेशन पहुंचने का अनुमान है।
होल्डिंग एरिया में विशेष इंतजाम
होल्डिंग एरिया में बढ़ती भीड़ को देखते हुए आरपीएफ के जवानों ने यात्रियों को व्यवस्थित ढंग से बैठाया। यात्रियों की सुविधा के लिए जनरल टिकट काउंटर, इमरजेंसी दवाइयां, ट्रेनों की जानकारी के लिए एलईडी स्क्रीन और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
भीड़ और यातायात नियंत्रण को लेकर प्रशासन सख्त
